देश भर में आचार्य महाश्रमण इंटरनेशनल स्कूल की 108 शाखाओं का शंखनाद; गंगाशहर सहित चार शहरों में एक साथ हुआ शिलान्यास


बीकानेर, 19 जनवरी। भारत में शिक्षा और संस्कारों के एक नए युग की शुरुआत करते हुए जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा ट्रस्ट द्वारा सोमवार को ‘आचार्य महाश्रमण इंटरनेशनल स्कूल’ का चतुर्मंगल शिलान्यास महोत्सव भव्यता के साथ आयोजित किया गया। आचार्य श्री महाश्रमण जी के 50वें दीक्षा महोत्सव को चिरस्थाई बनाने के लिए देश भर में 108 स्कूलों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है, जिसकी पहली कड़ी के रूप में गंगाशहर, श्रीडूंगरगढ़, नोखा और भुज में एक ही समय पर (दोपहर 1:26 बजे) नींव रखी गई।


गंगाशहर में 4 एकड़ में बनेगा आधुनिक शिक्षा का मंदिर
गंगाशहर के जयपुर-जोधपुर बाईपास पर नथमल, तोलाराम, सूरजमल और चाँदमल बोथरा की पावन स्मृति में चंपालाल बोथरा परिवार द्वारा दान दी गई 4 एकड़ भूमि पर इस स्कूल का निर्माण प्रस्तावित है। आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष गणेशमल बोथरा ने इसे अपने पूर्वजों का आशीर्वाद बताते हुए कहा कि अगले एक वर्ष में भवन निर्माण पूर्ण कर संचालन शुरू कर दिया जाएगा। कार्यक्रम में विधायक जेठानन्द व्यास विशिष्ट अतिथि रहे, जबकि केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।


प्रज्ञा, मूल्य और चरित्र: शिक्षा के तीन आधार
महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनसुखलाल सेठिया ने संबोधित करते हुए कहा कि इन स्कूलों का संचालन कोर कमेटी और स्थानीय समितियों के माध्यम से होगा। शिक्षा का ढांचा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रज्ञा (बुद्धि), मूल्य (नैतिकता) और चरित्र निर्माण पर केंद्रित होगा। पूर्व यूआईटी चेयरमैन महावीर रांका ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में डिग्रियां तो मिल रही हैं, लेकिन बच्चों को नशे और बुरे व्यसनों से बचाने के लिए संत-महात्माओं के संस्कार और नैतिकता की सीख देना अनिवार्य हो गया है।
जैन संस्कार विधि से भूमि पूजन
शिलान्यास की पूरी प्रक्रिया जैन संस्कार विधि के अनुसार संपन्न हुई। महासभा के संगठन मंत्री प्रकाश डाकलिया, धर्मेन्द्र डाकलिया , देवेन्द्र डागा और विपिन बोथरा की टीम ने मंत्रोच्चार के साथ पूजन करवाया। इसके पश्चात महिला मंडल ने मंगलाचरण कर मांगलिक वातावरण का सृजन किया। समारोह में बोर्ड ऑफ गवर्नेंस के स्थानीय सदस्यों और दानदाताओं का विशेष अभिनंदन भी किया गया।
बोर्ड ऑफ गर्वनेंस के स्थानीय सदस्यों का किया अभिनंदन
बोर्ड ऑफ गर्वनेंस का सदस्य हनुमानमल-महावीर रांका, विजयराज डागा बीकानेर-आसाम, चैनरूप पवन महनोत उदासर, डालचन्द भूरा गंगाशहर, विमल चौपड़ा यमुनानगर, सुन्दरलाल सोहनलाल बोथरा बीकानेर, बालचंद माणकचंद मदन बोथरा उदासर गंगाशहर, मैनादेवी सोहनलाल बैद, हंसराज शारदा देवी डागा गंगाशहर, सुमेरमल सुनील सुरेश दफ्तरी, लूणकरन सरोजदेवी सामसुखा आदि गर्वनस सदस्यों का अभिनंदन किया गया।
गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक अवसर पर महासभा संरक्षक जैन लूणकरन छाजेड़, आचार्य महाश्रमण इंटरनेशनल स्कूल की कोर कमेटी के सदस्य राजेश सुराना, बीकानेर सभा अध्यक्ष सुरपत बोथरा, जतन संचेती, पूर्व महापौर नारायण चोपड़ा, विजय कोचर, जयचंदलाल डागा, लीलम सिपानी, जैन महासभा अध्यक्ष कन्हैयालाल बोथरा, आरएसएस के टेकचन्द बरड़िया , अमर चन्द सोनी , नवरतन बोथरा , मांगीलाल लुनिया , रतन लाल छलाणी ,
और महिला मंडल से भावना छाजेड़ , शारदा डागा , ममता रांका, दीपिका बोथरा, सुप्रिया राखेचा एवं शशि सेठिया सहित तेरापंथ समाज की विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी, महिला मंडल और युवा परिषद के सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रकाश डाकलिया ने किया।






