बीकानेर बार एसोसिएशन ने मंत्री सुमित गोदारा को सौंपा ज्ञापन


- उपभोक्ता आयोग की सर्किट बेंच को पूर्णकालिक करने की मांग
बीकानेर, 12 जनवरी । बीकानेर बार एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार, 12 जनवरी 2026 को बार अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित के नेतृत्व में प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा से मुलाकात की। इस दौरान अधिवक्ताओं ने राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की बीकानेर पीठ (सर्किट बेंच) की समय अवधि बढ़ाने और आरटीओ कार्यालय के बंद गेट को खुलवाने के संबंध में ज्ञापन सौंपा।


उपभोक्ता आयोग की बेंच को पूर्णकालिक करने पर जोर


बार अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित ने मंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान में राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की पीठ महीने में केवल 7 दिन ही बीकानेर आती है। बीकानेर संभाग जैसे विशाल भौगोलिक क्षेत्र के लिए यह समय काफी कम है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 600 मामले लंबित हैं, जिससे पक्षकारों के समय और धन की भारी बर्बादी हो रही है। बार एसोसिएशन ने मांग की है कि बीकानेर में इस बेंच की बैठकों को विस्तार देते हुए इसे पूर्णकालिक (Full-time) कार्य करने हेतु निर्देशित किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को शीघ्र और सुलभ न्याय मिल सके।
आरटीओ कार्यालय का मुख्य गेट बंद होने से आक्रोश
ज्ञापन में दूसरी प्रमुख समस्या आरटीओ (RTO) कार्यालय के मुख्य गेट को लेकर उठाई गई। बार अध्यक्ष ने बताया कि आरटीओ कार्यालय का मुख्य द्वार लंबे समय से बंद है, जिसके कारण अधिवक्ताओं, दिव्यांगों और आम नागरिकों को कार्यालय में प्रवेश के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह भी आरोप लगाया गया कि इस संबंध में आरटीओ कार्यालय के अधिकारी सहयोग नहीं कर रहे हैं। बार ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए गेट को तुरंत खुलवाने की मांग की ताकि न्यायिक और दैनिक कार्य सुचारू हो सकें।
मंत्री ने दिया समाधान का आश्वासन
उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा ने अधिवक्ताओं की मांगों को गंभीरता से सुना। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण हेतु आयोग की कार्य अवधि बढ़ाने और आरटीओ कार्यालय से संबंधित समस्या का जल्द ही उचित समाधान निकाला जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में सचिव हेमंत सिंह चौहान, उपाध्यक्ष लेखराम, संयुक्त सचिव मुखराम कूकणा, वरिष्ठ अधिवक्ता गणेशराम चौधरी, प्रशांत तंवर, उमेश जांगिड़ सहित कई अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।








