प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल के तबादलों पर हाईकोर्ट की रोक, शिक्षा विभाग में हड़कंप ,27 जनवरी को अगली सुनवाई


बीकानेर/जोधपुर, 16 जनवरी। राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग में पदोन्नत हुए प्रिंसिपलों और वाइस प्रिंसिपलों की ट्रांसफर-पोस्टिंग प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए कहा है कि पदोन्नति के बाद प्रस्तावित तबादले और पोस्टिंग अगले आदेश तक स्थगित (अबेयंस) रहेंगे। अदालत का यह निर्णय वरिष्ठता सूची को लेकर उपजे विवाद और विभिन्न रिट याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान आया है।


अदालत ने कहा— बार-बार तबादलों से बढ़ेगा असंतोष


हाईकोर्ट ने अपने आदेश में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि वरिष्ठता सूची के मामले वर्ष 2023 से लंबित हैं और विभाग बार-बार समय मांग रहा है। एक तरफ वरिष्ठता सूची अदालत में चुनौती के दायरे में है, वहीं दूसरी तरफ विभाग उसी विवादित सूची के आधार पर काउंसलिंग करवाकर पोस्टिंग देने की तैयारी कर रहा था। कोर्ट ने माना कि यदि एक बार गलत वरिष्ठता के आधार पर पोस्टिंग दे दी गई और बाद में सूची बदली, तो बार-बार तबादलों से अधिकारियों के बीच भारी असंतोष और प्रशासनिक अव्यवस्था उत्पन्न होगी।
पूर्व के अंतरिम आदेशों का हवाला
सुनवाई के दौरान अदालत ने याद दिलाया कि 10 फरवरी 2025 और 8 अगस्त 2025 को जारी अंतरिम आदेशों में पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि विभाग द्वारा की गई कोई भी पदोन्नति या पोस्टिंग अदालत के अंतिम फैसले के अधीन रहेगी। राज्य सरकार ने कोर्ट को सूचित किया कि रिव्यू डीपीसी (DPC) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसके बाद कोर्ट ने काउंसलिंग आधारित तबादलों पर अगली सुनवाई तक स्टे लगा दिया है।
अब 27 जनवरी पर टिकी नजरें
राज्य सरकार के विशेष अनुरोध पर हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 जनवरी 2026 की तारीख मुकर्रर की है। इस फैसले के बाद प्रदेश के हजारों शिक्षकों और अधिकारियों की धड़कनें तेज हो गई हैं, जो काउंसलिंग के बाद नई पोस्टिंग का इंतजार कर रहे थे। शिक्षा विभाग अब 27 जनवरी को अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी में है।








