बीकानेर की गोचर-ओरण भूमि पर संकट, फतेहपुर में जुटे सैकड़ों संत, 27 जनवरी के महापड़ाव को मिला पूर्ण समर्थन


फतेहपुर/बीकानेर, 16 जनवरी। गौवंश के संरक्षण और गोचर-ओरण भूमि को बचाने की गूँज अब पूरे प्रदेश में तेज हो गई है। श्री बुधगिरि मढ़ी, फतेहपुर शेखावाटी में आयोजित ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ की धर्मसभा में सैकड़ों संतों ने एक सुर में गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की हुंकार भरी। इस दौरान बीकानेर के गोचर-ओरण संरक्षण का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा।


27 अप्रैल को देशव्यापी ज्ञापन अभियान: महंत दिनेशगिरि
श्री बुधगिरि मढ़ी के पीठाधीश्वर महंत श्री दिनेशगिरि जी महाराज ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और गौमाता को उचित सम्मान दिलाना ही इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने घोषणा की कि 27 अप्रैल 2026 को ‘गो सम्मान दिवस’ के अवसर पर देशभर से प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे।


बीकानेर में ‘विकास’ के नाम पर गोचर पर नजर: महामंडलेश्वर सरजूदासजी
बीकानेर से विशेष रूप से पहुंचे राष्ट्रीय संत महामंडलेश्वर श्री सरजूदासजी महाराज ने स्थानीय प्रशासन और बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि बीकानेर में हजारों बीघा गोचर और ओरण भूमि पर सरकार की नीयत खराब है। विकास के नाम पर ओरण की प्राचीन परंपरा और गौवंश के चारागाह को नष्ट नहीं होने दिया जाएगा।
महाराज ने आह्वान किया कि बीकानेर की अस्मिता और गौवंश के अधिकार की रक्षा के लिए 27 जनवरी 2026 को जिला कलेक्ट्रेट पर विशाल ‘महापड़ाव’ डाला जाएगा। उन्होंने सभी संतों और गौभक्तों से इस पड़ाव में शामिल होने की अपील की।
इन संतों का मिला सान्निध्य
धर्मसभा में श्री गोपालनंदजी, सोमेन्द्रजी, ईश्वरानंदजी, नवरत्न गिरिजी, चतुर्भुजदासजी, प्रकाशदासजी और योगेश बाबा सहित अनेक प्रतिष्ठित संतों ने अपने ओजस्वी उद्बोधन से गौ-भक्ति का अलख जगाया। बीकानेर से मनोज सेवग, सूरजमाल सिंह नीमराना, किशन शर्मा और मोहन माली सहित बड़ी संख्या में भक्तगण इस अभियान का हिस्सा बने। संतों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने गोचर-ओरण भूमि के संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।








