बीकानेर में ‘हाईकोर्ट बेंच’ की हुंकार- वकीलों ने मनाया 193वाँ प्रोटेस्ट-डे, न्यायिक कार्यों का रहा बहिष्कार


बीकानेर, 17 जनवरी। बीकानेर संभाग मुख्यालय पर राजस्थान उच्च न्यायालय की बेंच स्थापित करने की दशकों पुरानी मांग ने आज एक बार फिर जोर पकड़ा। बार एसोसिएशन, बीकानेर के आह्वान पर शनिवार को अधिवक्ताओं ने ‘प्रोटेस्ट-डे’ (Protest Day) मनाया। इस विरोध प्रदर्शन के तहत शनिवार को वकीलों ने अदालती कार्यवाही और पैरवी से पूरी तरह दूरी बनाए रखी, जिससे न्यायिक कार्य प्रभावित रहे।


16 साल से जारी है संघर्ष, 193वाँ ज्ञापन प्रेषित


बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित ने बताया कि बीकानेर में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए 17 अगस्त 2009 को आम सभा में ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था। उसी संकल्प के अनुसार, हर माह विरोध दर्ज कराया जाता है। इसी कड़ी में आज जिला एवं सेशन न्यायाधीश अश्विनी विज के माध्यम से राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के माननीय मुख्य न्यायाधिपति को 193वाँ ज्ञापन प्रेषित किया गया।
संभाग की जनता के हक की लड़ाई
अधिवक्ताओं का तर्क है कि बीकानेर संभाग के दूर-दराज के क्षेत्रों से पक्षकारों को जोधपुर जाना आर्थिक और शारीरिक रूप से कष्टदायक होता है। बीकानेर में बेंच की स्थापना से न्याय सुलभ और सस्ता होगा। ज्ञापन देने के दौरान बार अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित के साथ बार काउंसिल ऑफ राजस्थान (BCR) के सदस्य कुलदीप शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता गणेश चौधरी, सुरेन्द्र पाल शर्मा, और रघुवीर सिंह राठौड़ सहित पूरी कार्यकारिणी मौजूद रही।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख चेहरा
इस दौरान बार सचिव हेमन्तसिंह चौहान, उपाध्यक्ष लेखराम धतरवाल, धर्मेन्द्र वर्मा, मुखराम कुकणा, हनुमान विश्नोई, संजय खान, रविकान्त वर्मा, भंवरलाल विश्नोई, प्रेम विश्नोई, चतुर्भुज सारस्वत, सुखदेव व्यास, विजय दीक्षित और सुनीता दीक्षित सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने एकजुटता प्रदर्शित की। बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि जब तक बीकानेर को उसका वाजिब हक नहीं मिल जाता, यह आंदोलन और ‘प्रोटेस्ट-डे’ का सिलसिला अनवरत जारी रहेगा।








