घर की पार्किंग में खड़ी कार का कट गया दो बार ‘फास्टैग’, पीड़ित ने विधिक सेवा प्राधिकरण में लगाई गुहार


बीकानेर, 19 जनवरी। तकनीक जितनी सुविधाजनक है, कभी-कभी उतनी ही सिरदर्द भी बन जाती है। बीकानेर में एक ऐसा ही अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां एक कार मालिक के घर की पार्किंग में खड़ी गाड़ी के ‘फास्टैग’ (FASTag) से दो बार टोल टैक्स कट गया। इस तकनीकी गड़बड़ी और टोल कंपनी की लापरवाही से परेशान होकर पीड़ित ने अब विधिक सेवा प्राधिकरण की शरण ली है।


दो दिन में दो अलग-अलग टोल पर कटी राशि
महावतों की मस्जिद, दो पीर रोड निवासी पीड़ित शकील अहमद के अनुसार, उनकी कार (आरजे-07-सीई-8141) घर पर खड़ी थी, लेकिन 26 दिसंबर 2025 को तड़के 4:20 बजे उन्हें कानासर टोल प्लाजा से 40 रुपये कटने का मैसेज मिला। शकील ने तुरंत ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अगले ही दिन 27 दिसंबर को दोपहर 2:03 बजे फिर से नाल टोल प्लाजा पर 40 रुपये कटने का संदेश प्राप्त हुआ। हैरानी की बात यह थी कि इन दोनों ही मौकों पर कार घर की पार्किंग से बाहर तक नहीं निकली थी।


सीसीटीवी फुटेज में नहीं मिली कार, तकनीकी चूक की आशंका
मामले की गंभीरता को देखते हुए शकील अहमद संबंधित टोल प्लाजा पहुंचे और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि उनकी कार उस समय टोल से गुजरी ही नहीं थी। शिकायत में यह अंदेशा जताया गया है कि संभवतः इसी नंबर का कोई ट्रक भी पंजीकृत हो सकता है, जो उस समय टोल से गुजरा हो और तकनीकी त्रुटि के कारण सिस्टम ने कार के फास्टैग से पैसे काट लिए।
विधिक सेवा प्राधिकरण में शिकायत दर्ज
टोल कंपनी की इस लापरवाही के खिलाफ शकील अहमद ने बीकानेर विधिक सेवा प्राधिकरण में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और जिम्मेदार टोल कंपनी के खिलाफ कार्रवाई हो। गौरतलब है कि बीकानेर में पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जहाँ घर खड़े वाहनों का फास्टैग कट गया, जो टोल गेट्स पर लगे सेंसर और तकनीकी सॉफ्टवेयर की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं।






