आत्मनिर्भर थार’ के लिए वैज्ञानिक तैयार करें रोडमैप, ऊंटों के अस्तित्व को बचाना प्राथमिकता: शिवराज सिंह चौहान
ऊंटों के अस्तित्व को बचाना प्राथमिकता: शिवराज सिंह चौहान


बीकानेर। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार देर शाम बीकानेर स्थित राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र (NRCC) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने रेगिस्तान के जहाज कहे जाने वाले ऊंट और अन्य पशुओं के गिरते अस्तित्व पर चिंता व्यक्त करते हुए वैज्ञानिकों से इन्हें आधुनिक समय में प्रासंगिक बनाने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करने का आह्वान किया। उनके साथ केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा भी मौजूद रहे।


कॉन्फ्रेंस हॉल में जिले के सात आईसीएआर (ICAR) संस्थानों के वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि जिस तरह देश ‘आत्मनिर्भर भारत’ की ओर बढ़ रहा है, उसी तर्ज पर ‘आत्मनिर्भर थार’ बनाने के लिए पूरी शक्ति लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अतीत में युद्धों और परिवहन का मुख्य आधार रहे ऊंट और घोड़े अब ड्रोन और मशीनीकरण के कारण अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं। चौहान ने जोर देकर कहा कि इन पशुओं को पर्यटन, स्वास्थ्य और डेयरी क्षेत्र से जोड़कर ही बचाया जा सकता है। उन्होंने ऊंटनी के दूध के औषधीय गुणों का जिक्र करते हुए इसे मधुमेह (शुगर) जैसी बीमारियों के उपचार में प्रभावी बताया।


कृषि मंत्री ने वैज्ञानिकों को स्थानीय जलवायु, मिट्टी और पानी के अनुरूप खेती विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को उच्च गुणवत्ता और अधिक उत्पादन मिल सके। उन्होंने औषधीय खेती की संभावनाओं पर भी रिसर्च तेज करने की बात कही। चौहान ने घोषणा की कि वे एक महीने बाद पुनः बीकानेर आएंगे और वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किए गए ब्लूप्रिंट पर विस्तृत चर्चा करेंगे। इससे पूर्व, तीनों मंत्रियों ने ऊंट गाड़े की सवारी का आनंद लिया और ऊंट फॉर्म का निरीक्षण किया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य जनप्रतिनिधि और विभिन्न अनुसंधान केंद्रों के निदेशक भी उपस्थित रहे।
