खेजड़ी बचाओ आंदोलन को वसुंधरा राजे का समर्थन,बोलीं-सबके साथ हूं
खेजड़ी बचाओ आंदोलन को वसुंधरा राजे का समर्थन,बोलीं-सबके साथ हूं


- 363 संतों संग लोगों का अनशन, आंखों पर बांधी पट्टी; पूर्व मंत्री बोले-2 दिन में कानून बने
बीकानेर, 3 फ़रवरी। बीकानेर में खेजड़ी आंदोलन का शंखनाद: वसुंधरा राजे ने दिया समर्थन, 363 संतों के साथ शुरू हुआ अनशन
बीकानेर। राजस्थान के राजकीय वृक्ष ‘खेजड़ी’ को बचाने के लिए बीकानेर में चल रहा जन-आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट के पास बिश्नोई धर्मशाला में 363 संतों के सानिध्य में प्रदर्शनकारियों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। आंदोलन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अनशन पर बैठे लोग अपनी आंखों पर काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं। इस मुहिम को अब पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का भी साथ मिल गया है, जिससे यह मुद्दा अब राजनीतिक गलियारों में भी गरमा गया है।


पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने सोशल मीडिया पर खेजड़ी की पूजा करते हुए अपनी तस्वीर साझा की और इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह खेजड़ी और ओरण (गोचर भूमि) को बचाने की मुहिम में सबके साथ हैं। राजे ने लिखा, “मैं भी खेजड़ी की पूजा करती हूं और राजनीति से ऊपर उठकर हमें इसके संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए।” उधर, पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल ने सरकार पर हमला बोलते हुए मांग की है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को तुरंत विधानसभा में ‘ट्री प्रोटेक्शन एक्ट’ (वृक्ष संरक्षण कानून) की घोषणा करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यह कानून दो दिन के भीतर बनना चाहिए।


आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संत सच्चिदानंद ने बताया कि मांग पूरी होने तक एक भी पेड़ नहीं कटने दिया जाएगा। सोमवार को हुए विशाल महापड़ाव के बाद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। हालांकि जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि और एसपी कावेंद्र सागर ने मौके पर पहुंचकर आश्वासन दिया था कि पेड़ों की कटाई नहीं होने दी जाएगी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया और धरना समाप्त करने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। प्रशासन ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में एसटीएफ तैनात कर दी है।
आंदोलन की मुख्य विशेषताएं (Current Highlights)
- अनोखा विरोध: 363 संतों के साथ भक्त आंखों पर पट्टी बांधकर अनशन पर बैठे हैं।
- प्रमुख मांग: राजस्थान में तत्काल ‘ट्री प्रोटेक्शन एक्ट’ (वृक्ष संरक्षण कानून) लागू किया जाए।
- बढ़ता समर्थन: पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल ने आंदोलन को समर्थन दिया।
- प्रशासनिक मुस्तैदी: कलेक्ट्रेट पर सुरक्षा के लिए एसटीएफ (STF) के जवान तैनात, आला अधिकारी आंदोलनकारियों से संपर्क में।
- रात का पड़ाव: प्रदेशभर से आए हजारों लोगों के लिए धर्मशाला छोटी पड़ी, प्रदर्शनकारियों ने कड़ाके की ठंड में टेंट में रात गुजारी।
