अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर ‘राजस्थानी- लोक सूं लाइक तांई’ विषय पर श्रीडूंगरगढ़ में जुटेगा साहित्यकारों का जमघट
अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर 'राजस्थानी- लोक सूं लाइक तांई' विषय पर श्रीडूंगरगढ़ में जुटेगा साहित्यकारों का जमघट


बीकानेर, 11 फ़रवरी । मरूभूमि शोध संस्थान, श्रीडूंगरगढ़ के तत्वावधान में आगामी 21 फरवरी को ‘अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस’ का आयोजन भव्य स्तर पर किया जाएगा। श्रीडूंगरगढ़ स्थित हिंदी प्रचार समिति के संस्कृति भवन में प्रातः 10 बजे से शुरू होने वाले इस समारोह में राजस्थानी भाषा के पारंपरिक स्वरूप ‘लोक’ से लेकर आधुनिक सोशल मीडिया के ‘लाइक’ तक के सफर पर गहन विमर्श होगा। संस्थान के निदेशक एवं प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो. भंवर भादानी ने बताया कि मातृभाषा के प्रति जागरूकता और उसके बदलते स्वरूप को रेखांकित करने के लिए यह विषय विशेष रूप से चुना गया है।


समारोह की अध्यक्षता राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रख्यात कवि श्याम महर्षि करेंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विशिष्ट साहित्यकार-समालोचक डॉ. चेतन स्वामी होंगे, जबकि हैदराबाद प्रवासी समाजसेवी बसंत हीरावत विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। राजस्थानी भाषा के वर्तमान परिदृश्य और चुनौतियों पर लोकप्रिय साहित्यकार हरीश बी. शर्मा विषय प्रवर्तन करेंगे, जो इस विमर्श की आधारशिला रखेंगे।


साहित्यिक प्रतिभाओं का होगा सम्मान: तेजसिंह जोधा और डॉ. कृष्णा कुमारी होंगे पुरस्कृत
समारोह के समन्वयक विजय महर्षि के अनुसार, इस अवसर पर राजस्थानी साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले रचनाकारों को प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा जाएगा। बीकानेर के विद्वान कवि और आलोचक तेजसिंह जोधा को उनकी निरंतर राजस्थानी साधना के लिए ‘महाराणा प्रताप राजस्थानी साहित्य सृजन पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा, जिसके तहत उन्हें 21 हजार रुपये की नगद राशि प्रदान की जाएगी।
कोटा की शिक्षाविद साहित्यकार डॉ. कृष्णा कुमारी को उनकी काव्य कृति ‘अस्यो छै म्हारो गॉंव’ के लिए ‘पं. मुखराम सिखवाल स्मृति राजस्थानी साहित्य सृजन पुरस्कार’ अर्पित किया जाएगा, जिसमें उन्हें 11 हजार रुपये की राशि भेंट की जाएगी। इसके अतिरिक्त, जयपुर की प्रेम को उनकी औपन्यासिक कृति ‘खाड्डा पार्किंग’ के लिए ‘श्री सूर्य प्रकाश बिस्सा स्मृति राजस्थानी महिला लेखन सम्मान’ और रामगढ़ नोहर के पूर्ण शर्मा ‘पूरण’ को ‘बोल म्हारी मच्छी कित्तो पाणी’ के लिए ‘कला-डूंगर कल्याणी स्मृति राजस्थानी बाल साहित्य सम्मान’ प्रदान किया जाएगा। आयोजन के दौरान इन पुरस्कृत कृतियों का लोकार्पण भी किया जाएगा।
