एसबीआई समाधान पखवाड़े में सेवानिवृत्त बैंकर्स ने रखीं अपनी मांगें, मेडिकल सुविधा और बकाया भुगतान पर जोर
एसबीआई समाधान पखवाड़े में सेवानिवृत्त बैंकर्स ने रखीं अपनी मांगें


बीकानेर, 17 फरवरी। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा आयोजित ‘समाधान पखवाड़े’ के तहत मंगलवार को पब्लिक पार्क स्थित बैंक सभागार में बैंक प्रबंधन और सेवानिवृत्त बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक संपन्न हुई। इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य सेवानिवृत्त बैंकर्स की लंबित समस्याओं का त्वरित निस्तारण करना और उनके कल्याणकारी मुद्दों पर चर्चा करना था।


बैठक की अध्यक्षता उपमहाप्रबंधक (DGM) अरविंद कुमार ने की। इस दौरान सेवानिवृत्त कर्मियों ने बैंक की सेवा के बाद आने वाली व्यावहारिक और तकनीकी दिक्कतों को प्रबंधन के समक्ष प्रमुखता से रखा। सचिव आर. के. शर्मा ने बताया कि बैठक में मुख्य रूप से व्यक्तिगत प्रकरणों के समाधान और नीतिगत सुधारों पर विस्तृत वार्ता हुई।


प्रमुख मांगें: HRMS विसंगति और मेडिकल सुविधाओं में सुधार
‘ऑल इंडिया रिटायर्ड बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन’ के बैनर तले सेवानिवृत्त बैंकर्स ने प्रबंधन को एक प्रतिवेदन सौंपा, जिसमें निम्नलिखित प्रमुख मांगों को रेखांकित किया गया:
HRMS विसंगतियां: मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) पोर्टल में आ रही तकनीकी खामियों और डेटा विसंगतियों को दूर करने की मांग की गई, ताकि पेंशनर्स को ऑनलाइन सेवाओं में परेशानी न हो।
बकाया भुगतान: विभिन्न मदों में रुके हुए बकाया भुगतानों को अविलंब जारी करने का आग्रह किया गया।
चिकित्सा सुविधा विस्तार: बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य चुनौतियों को देखते हुए मेडिकल सुविधाओं के दायरे को बढ़ाने और कैशलेस उपचार की प्रक्रिया को और सरल बनाने पर जोर दिया गया।
प्रबंधन और संगठन की उपस्थिति
इस अवसर पर बैंक प्रबंधन की ओर से सहायक महाप्रबंधक सुजीत कुमार सुमन, अभिषेक माथुर, मुख्य प्रबंधक प्रदीप वर्मा, सुनील गुप्ता और नरेन्द्र पालीवाल उपस्थित रहे। प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि प्राप्त प्रतिवेदनों और व्यक्तिगत प्रकरणों की समीक्षा कर उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
सेवानिवृत्त संगठन की ओर से वाई. के. शर्मा-योगी, आर. श्रीमाली, सैयद मुश्ताक अली, एल. एन. मेहता, जे. पी. वर्मा-गुल्लू, के. एन. आर्य, एन. के. गौड़, अली अकबर, बुलाकी राम राठौर, हरि विष्णु गहलोत, आनंद शुक्ला, पी. सी. अग्रवाल और सुरेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में पूर्व बैंकर्स ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और संवाद प्रक्रिया में सक्रिय भाग लिया।
