बड़ी खबर: कल 12 फरवरी को ‘भारत बंद’ का आह्वान; 30 करोड़ श्रमिकों और किसानों के प्रदर्शन से जनजीवन थमने के आसार
बड़ी खबर: कल 12 फरवरी को 'भारत बंद' का आह्वान; 30 करोड़ श्रमिकों और किसानों के प्रदर्शन से जनजीवन थमने के आसार


नई दिल्ली/बीकानेर , 11 फ़रवरी । केंद्र सरकार की आर्थिक और श्रम नीतियों के विरोध में 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के साझा मंच ने कल, 12 फरवरी 2026 को 24 घंटे के राष्ट्रव्यापी ‘भारत बंद’ का ऐलान किया है। यूनियनों का दावा है कि इस महा-आंदोलन में देशभर के लगभग 30 करोड़ संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिक हिस्सा लेंगे। इस बंद का मुख्य उद्देश्य नई श्रम संहिताओं (Labour Codes) को रद्द करना और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में आवाज उठाना है।


बीकानेर सहित राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों में इस बंद का व्यापक असर देखने को मिल सकता है। यूनियनों ने जिला और ब्लॉक स्तर पर टोलियाँ बनाकर जनसंपर्क किया है, जिससे परिवहन, बैंकिंग और औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाज ठप रहने की संभावना है।


क्यों हो रहा है विरोध? मुख्य मांगें और मुद्दे
आंदोलनकारी संगठनों ने सरकार के समक्ष मांगों का एक लंबा चार्टर रखा है। विरोध के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:चार नई श्रम संहिताएं: यूनियनों का आरोप है कि ये कोड श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करते हैं और ‘हायर एंड फायर’ की नीति को बढ़ावा देते हैं।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील: किसान संगठनों का कहना है कि यह समझौता अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए बाजार खोल देगा, जिससे भारतीय किसान बर्बाद हो जाएंगे।
MGNREGA और ग्रामीण योजना: मनरेगा को बहाल करने और नए ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन’ को वापस लेने की मांग।विद्युत और बीज विधेयक: बिजली संशोधन विधेयक और ड्राफ्ट सीड बिल को किसान विरोधी बताते हुए वापस लेने की मांग।
पेंशन और निजीकरण: पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली और सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक।क्या खुला रहेगा और क्या रहेगा बंद?प्रशासन और नागरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सेवाओं को इस बंद से मुक्त रखा गया है।
बैंक और वित्तीय संस्थानप्रभावित: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (SBI, BoB आदि) की यूनियनों ने हड़ताल का समर्थन किया है। चेक क्लीयरेंस और काउंटर सेवाएं बाधित हो सकती हैं।
परिवहन (बस/ऑटो/टैक्सी)आंशिक बंद: रोडवेज और कई ट्रांसपोर्ट यूनियन हड़ताल में शामिल हैं। चक्का जाम की संभावना।
स्कूल और कॉलेजअस्पष्ट: सरकार ने छुट्टी घोषित नहीं की है, लेकिन स्थानीय स्थितियों और परिवहन की कमी के कारण स्कूल प्रबंधन व्यक्तिगत निर्णय ले सकते हैं।
बाजार और दुकानेंस्थानीय स्तर पर निर्भर: विरोध प्रभावित क्षेत्रों में बाजार बंद रह सकते हैं। अस्पताल और इमरजेंसी खुले रहेंगे: एम्बुलेंस, दवा की दुकानें और अस्पताल सेवाएं सुचारू रहेंगी।
हवाई अड्डे और ट्रेनेंसंचालित: सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन स्टेशन/एयरपोर्ट पहुंचने में यातायात की समस्या हो सकती है।
बीकानेर में तैयारी
बीकानेर के औद्योगिक क्षेत्रों (बीछवाल, रानीबाजार) और मंडी क्षेत्रों में भी बंद का असर दिखने के आसार हैं। स्थानीय ट्रेड यूनियन नेताओं ने श्रमिकों से काम का बहिष्कार करने की अपील की है। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।यात्रियों और आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे कल के लिए अपनी यात्राओं और बैंक संबंधी कार्यों को पहले से व्यवस्थित कर लें।
