कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा के सख्त तेवर, संभागीय आयुक्त को दी नसीहत—’बोलने से पहले दो बार सोचें’


बीकानेर, 4 दिसम्बर । राजस्थान के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने शनिवार को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल और सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक (SSB) में विभागाध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने न केवल डॉक्टरों को कार्यप्रणाली सुधारने के निर्देश दिए, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों को भी मर्यादा में रहने की चेतावनी दी।


संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा द्वारा पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया पर की गई हालिया टिप्पणी पर पलटवार करते हुए सुमित गोदारा ने कहा, “संभागीय आयुक्त भी सरकार का हिस्सा हैं और उनका हर बयान सरकार की छवि से जुड़ा होता है। किसी भी अधिकारी का मनोबल तोड़ना सिस्टम का काम नहीं है। उन्हें बोलने से पहले दो बार सोचना चाहिए।”


अस्पताल में लागू होगा नया सिस्टम- बोर्ड पर दर्ज होगा डॉक्टरों का समय
अस्पताल में डॉक्टरों के समय पर न बैठने की शिकायतों पर मंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि अगले एक महीने में व्यवस्थाएं बदलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में जगह-जगह बड़े बोर्ड लगाए जाएं, जिन पर स्पष्ट लिखा हो कि कौन सा सीनियर डॉक्टर ओपीडी में कब उपलब्ध रहेगा। न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और एंडोक्रिनोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विभागों में डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति अनिवार्य की गई है ताकि मरीजों को घंटों भटकना न पड़े।
निजी क्लीनिक पर ज्यादा फीस वसूली तो खैर नहीं ,एसीबी करेगी जांच
मंत्री गोदारा ने डॉक्टरों को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि घर पर प्रैक्टिस के दौरान सरकार द्वारा निर्धारित परामर्श शुल्क (100 से 200 रुपये) से अधिक वसूली की शिकायत मिली, तो मामला सीधे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को सौंपा जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सरकारी डॉक्टर मरीजों को बाहर की लैब से जांच करवाने के लिए मजबूर न करें।
जांच सेवाएं 24 घंटे और ड्रेस कोड अनिवार्य
बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
24 घंटे जांच: सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा अब पीबीएम में 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। मंत्री ने नाराजगी जताई कि सरकारी मशीनें आधुनिक होने के बावजूद निजी सेक्टर में जांचें ज्यादा हो रही हैं।
ड्रेस कोड: सभी डॉक्टर और स्टाफ सदस्य अनिवार्य रूप से ड्रेस कोड में रहेंगे और नेम प्लेट लगाएंगे।
नया बुनियादी ढांचा: नेफ्रोलॉजी विभाग की जर्जर बिल्डिंग को 4.5 करोड़ रुपये की लागत से ठीक कराया जाएगा और जल्द ही किडनी ट्रांसप्लांट व न्यूरो कैथ लैब की सुविधा शुरू होगी।
मशीन खराब होने पर तत्काल सूचना के निर्देश
रेडियोलॉजी विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि यदि कोई मशीन खराब होती है, तो उसकी जानकारी तुरंत उच्चाधिकारियों को दी जाए ताकि उसे अविलंब ठीक कराया जा सके। उन्होंने जांचों का ‘वेटिंग टाइम’ कम करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा और पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया सहित सभी सुपर स्पेशलिटी विभागों के अध्यक्ष मौजूद रहे।








