डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में ‘चिल्ड्रन फेस्टिवल- आजू गूजा’ का 16 जनवरी से आगाज


- बीकानेर में बच्चों के लिए सजेगा सपनों का संसार
बीकानेर, 12 जनवरी। बीकानेर के बच्चों के लिए खुशियों और रचनात्मकता का महाकुंभ ‘चिल्ड्रन फेस्टिवल- आजू गूजा’ एक बार फिर शहर में दस्तक दे रहा है। जिला प्रशासन, नगर निगम, बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) और मलंग फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह अनूठा फेस्टिवल इस बार 16 से 18 जनवरी तक डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। सुबह 10 से शाम 5 बजे तक चलने वाले इस महोत्सव में 3 से 14 साल तक के बच्चे कला, विज्ञान और मनोरंजन के अद्भुत संगम के साक्षी बनेंगे।


सोमवार को निगम कमिश्नर मयंक मनीष ने स्टेडियम परिसर में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया। उन्होंने बताया कि फेस्टिवल में देशभर से नामी कलाकार थिएटर, चित्रकला, माइम, पॉटरी मेकिंग और मैजिक शो जैसे हुनर का प्रदर्शन करने बीकानेर पहुंच रहे हैं।


मुंबई के धारावी से आएगी ‘थिएटर क्रांति’, 17 फीट का जायंट पपेट होगा आकर्षण
इस बार फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण मुंबई के धारावी स्लम से आ रहे 18 होनहार बच्चों की टीम होगी। ‘थिएटर क्रांति’ के ये बच्चे रैपिंग, ग्रैफिटी और म्यूजिक के जरिए अपने संघर्ष से सफलता की कहानी बयां करेंगे। इसके अलावा, दिल्ली से आ रही 15 से 17 फीट ऊंची जायंट पपेट पूरे मैदान में बच्चों के आकर्षण का केंद्र रहेगी। भारत के ‘चार्ली चैपलिन’ कहे जाने वाले कुणाल मोटलिंग भी बिना शब्दों के अपनी भाव-भंगिमाओं से बच्चों को लोटपोट करेंगे।
गेम्स जोन और 60 मीटर लंबी पतंग का दिखेगा रोमांच
बीडीए कमिश्नर श्रीमती अपर्णा गुप्ता ने बताया कि पुणे के विशेषज्ञ मनीष फ्रीमैन के साथ ‘कम्युनिटी गेम्स’ का आयोजन होगा, जिसमें बच्चे और माता-पिता मिलकर टीम-बिल्डिंग गतिविधियों का आनंद लेंगे। फेस्टिवल में पहली बार 60 मीटर लंबी पतंग और 25 से अधिक विशालकाय यूनिक पतंगें आसमान में उड़ान भरती नजर आएंगी। जोधपुर के 10 वर्षीय नन्हे ड्रमर की लाइव प्रस्तुति भी संगीत प्रेमियों के लिए खास होगी।
शिक्षा और जागरूकता के लिए विशेष कॉर्नर
फेस्टिवल केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें बच्चों के लिए विशेष रीडिंग कॉर्नर, कॉन्सियस कॉर्नर (नैतिकता और संवेदनशीलता) और सस्टेनेबिलिटी कॉर्नर बनाए जाएंगे। यहां बच्चों को प्लास्टिक मैनेजमेंट, वेस्ट कंट्रोल और सचेत पेरेंटहुड के गुर सिखाए जाएंगे। मलंग फाउंडेशन की निकिता तिवारी और प्रोजेक्ट डायरेक्टर रितिका बिदावत ने बताया कि बच्चों को विज्ञान से जोड़ने के लिए लाइव एरोप्लेन फ्लाइंग और रोबोटिक्स डेमो जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।








