साहित्यिक प्रतिभाओं को मिले सम्मान: बीकानेर विकास प्राधिकरण से पुरस्कार पुनः प्रारंभ करने की मांग


बीकानेर, 5 जनवरी। बीकानेर की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा देने के लिए वरिष्ठ साहित्यकारों ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। राजस्थानी युवा लेखक संघ के प्रदेशाध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा ने मांग की है कि नवगठित बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) को नगर की पुरानी परंपरा को जीवित करते हुए विभिन्न कलानुशासनों में पुरस्कार देना पुनः प्रारंभ करना चाहिए।


संस्था कार्यालय में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान कमल रंगा और वरिष्ठ शायर क़ासिम बीकानेरी ने बताया कि बीकानेर की पहचान भाषा समन्वय, साहित्य सृजन और अपनत्व से रही है। दशकों तक ‘नगर विकास न्यास’ (UIT) द्वारा साहित्य, पत्रकारिता और समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ समय से यह गौरवशाली परंपरा बंद पड़ी है।


26 जनवरी से शुरुआत करने का सुझाव
बैठक में उपस्थित रचनाकारों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर बीकानेर विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष महोदया से अनुरोध किया है कि इन पुरस्कारों को इसी वर्ष 26 जनवरी, 2026 से फिर से शुरू किया जाए। साहित्यकारों का तर्क है कि प्राधिकरण बनने के बाद अब संसाधनों और विस्तार की स्थिति बेहतर है, ऐसे में प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए यह एक सशक्त कदम होगा।
इन क्षेत्रों में पुरस्कार की मांग
साहित्यकारों ने मांग की है कि पूर्व की भांति केवल साहित्य ही नहीं, बल्कि निम्नलिखित क्षेत्रों में भी प्रतिभाओं को पुरस्कृत किया जाना चाहिए- हिन्दी, उर्दू एवं राजस्थानी साहित्य,पत्रकारिता एवं रंगकर्म (थिएटर),समाजसेवा एवं उद्योग जगत
प्रमुख रचनाकारों की रही उपस्थिति
कमल रंगा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वरिष्ठ शायर क़ासिम बीकानेरी, कवि गिरिराज पारीक, कवयित्री इन्द्रा व्यास, जुगल किशोर पुरोहित, पुनीत कुमार रंगा, गंगाबिशन बिश्नोई और हरिकिशन व्यास सहित कई गणमान्य जन उपस्थित रहे। बैठक में समाजसेवी हरिनारायण आचार्य, भवानी सिंह और संस्कृतिकर्मी आशीष रंगा ने भी इस मुहिम को बीकानेर के गौरव के लिए आवश्यक बताया।
साहित्यकारों का मानना है कि इस कदम से न केवल स्थानीय प्रतिभाओं का मान बढ़ेगा, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति और भाषा से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी।








