जनता की सेवा में परिवार पीछे, कार्यक्रम में भावुक हुईं सीएम की पत्नी गीता
जनता की सेवा में परिवार पीछे, कार्यक्रम में भावुक हुईं सीएम की पत्नी गीता


देहरादून , 10 फ़रवरी । राजनीति के व्यस्त गलियारों और जनसेवा की प्रतिबद्धता के बीच एक राजनेता का परिवार किन परिस्थितियों से गुजरता है, इसकी एक भावुक झलक उत्तराखंड में देखने को मिली। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पत्नी गीता धामी देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित ‘उत्तरायणी कौथिग’ मेले के दौरान अपने संबोधन में भावुक हो गईं। उन्होंने मुख्यमंत्री की व्यस्त दिनचर्या और परिवार के प्रति उनके सीमित समय को लेकर अपने मन की बात साझा की।


सेवाकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुँचीं गीता धामी ने कहा कि “सीएम साहब के पास हमारे और परिवार के लिए वक्त कहाँ है।” उन्होंने आगे कहा कि जब कोई व्यक्ति पूरी निष्ठा से जनता की सेवा में जुट जाता है, तो वह व्यक्तिगत जीवन को पीछे छोड़ देता है। गीता धामी के अनुसार, मुख्यमंत्री दिन-रात केवल उत्तराखंड की प्रगति और यहाँ की जनता की भलाई के बारे में सोचते हैं, जिसके कारण वे अपने बच्चों और परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पाते।


सोशल मीडिया पर गीता धामी का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर जनता के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग इसे एक समर्पित मुख्यमंत्री के त्याग के रूप में देख रहे हैं, तो कुछ लोग एक पत्नी की स्वाभाविक भावना मान रहे हैं। गीता धामी ने अपनी स्पीच में यह भी स्पष्ट किया कि हालांकि परिवार उन्हें मिस करता है, लेकिन जनता की सेवा सर्वोपरि है और उन्हें अपने पति के समर्पण पर गर्व है।
