एक ही परिवार की उठीं 5 अर्थियां, मां-बेटे का एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार, मचा कोहराम, शादी की खुशियों के बीच पसरा मातम
एक ही परिवार की उठीं 5 अर्थियां, मां-बेटे का एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार


शादी की खुशियां मातम में बदली, पाली-एक ही परि वार की 3 पीढ़ियों के 5 लोगों की अर्थी उठी, 6 का उपचार जारी


पाली/गुड़ा एंदला, 22 फरवरी । राजस्थान के पाली जिले का भावनगर (गुड़ा एंदला) गांव आज गहरे शोक और सन्नाटे में डूबा रहा। नियति के क्रूर प्रहार ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को उम्र भर के आंसुओं में बदल दिया। शनिवार को गुजरात में हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले कुमावत परिवार के पांच सदस्यों के शव जब गांव पहुंचे, तो कोहराम मच गया। रविवार को जब एक साथ पांच अर्थियां उठीं, तो गांव का हर शख्स सिसक उठा।


मां-बेटे की एक ही अर्थी: दिल दहला देने वाला मंजर
अंतिम विदाई का सबसे हृदयविदारक दृश्य तब देखने को मिला जब कोमल कुमावत और उनके 4 साल के मासूम बेटे आयुष के शवों को एक ही अर्थी पर सुलाकर श्मशान ले जाया गया।
एक साथ विदाई: गांव की गलियों से जब रामलाल, कैलाश, कोमल और नन्हे आयुष सहित पांच अर्थियां निकलीं, तो पत्थर दिल भी पिघल गए। सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया, जब मां और उसके चार साल के मासूम बेटे को एक ही अर्थी पर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। एक ही परिवार की 5 अर्थियां एक साथ गांव की गलियों से निकली तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। परिजन बिलख रहे थे, ग्रामीण ढांढस बंधा रहे थे, लेकिन आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। ऐसे में ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं
शोक संतप्त परिवार: परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं ग्रामीणों की आंखें भी इस मंजर को देखकर नम थीं। पूरा गांव आज अपने घरों में चूल्हा तक नहीं जला सका।
भांजे की शादी से लौटते वक्त हुआ हादसा
यह दुखद दुर्घटना शनिवार सुबह गुजरात के ऊंझा-मेहसाणा हाइवे पर हुई थी।
घटनाक्रम: अहमदाबाद निवासी रामलाल कुमावत का परिवार अपने भांजे विकास की शादी समारोह में शामिल होने के बाद मणिहारी गांव से वापस लौट रहा था।
तेज रफ्तार बनी काल: बताया जा रहा है कि उनकी तेज रफ्तार वैन अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और पलट गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि परिवार के 5 सदस्यों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे में जिन पांच लोगों की मौत हुई, उनमें एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां शामिल थीं। रामलाल कुमावत (50), उनकी बेटी कोमल (30), बेटा कैलाश (25), मां मथुरादेवी (70), 3 वर्षीय नाती आयुष (कोमल का बेटा) की मौत हो गई। रामलाल अहमदाबाद में जनरल स्टोर चलाते थे और परिवार सहित वहीं रहते थे। शादी की खुशियां कुछ ही घंटों में मातम में बदल गईं।
6 घायल अभी भी अस्पताल में भर्ती
हादसे में घायल हुए परिवार के अन्य 6 सदस्यों का इलाज अभी भी गुजरात के एक अस्पताल में चल रहा है। चिकित्सा सूत्रों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस दुखद घड़ी में परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। शादी का वह घर, जहां दो दिन पहले मंगल गीत गाए जा रहे थे, अब वहां केवल चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा है।
