ज्ञानशाला की वार्षिक परीक्षा संपन्न; 103 ज्ञानार्थियों ने मुनि श्री कमल कुमार जी के सान्निध्य में दी परीक्षा


बीकानेर/गंगाशहर, 12 जनवरी । जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा के ज्ञानशाला प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित अखिल भारतीय ज्ञानशाला की वार्षिक परीक्षा का आयोजन स्थानीय तेरापंथ भवन, गंगाशहर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह परीक्षा श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा गंगाशहर के तत्वावधान में आयोजित इस परीक्षा में नन्हें ज्ञानार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ जैन धर्म और संस्कारों से जुड़े विषयों पर अपनी मेधा का प्रदर्शन किया।


परीक्षा का शुभारंभ उग्र विहारी तपोमूर्ति मुनि श्री कमल कुमार जी के पावन सान्निध्य में हुआ। मुनिश्री ने परीक्षा से पूर्व ज्ञानार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ज्ञान केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए नहीं, बल्कि जीवन को संस्कारवान बनाने के लिए होना चाहिए। उन्होंने मंगल पाठ सुनाकर सभी परीक्षार्थियों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। मुनिश्री के सान्निध्य में ही महासभा द्वारा प्राप्त सीलबंद प्रश्न पत्रों को खोला गया और विधिवत परीक्षा प्रारंभ हुई।


ज्ञानशाला आंचलिक सहसंयोजक रतनलाल छलाणी ने जानकारी दी कि इस वर्ष कुल 103 ज्ञानार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा को ‘शिशु संस्कार बोध’ के विभिन्न स्तरों में विभाजित किया गया था, जिसमें भाग 1 में 18, भाग 2 में 23, भाग 3 में 24, भाग 4 में 28 तथा भाग 5 में 10 परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा व्यवस्थापक देवेंद्र डागा और ज्ञानशाला प्रभारी चैतन्य रांका के निर्देशन में पूरी प्रक्रिया सुव्यवस्थित रही।
इस अवसर पर तेरापंथ सभा के अध्यक्ष नवरत्न बोथरा, महिला मंडल अध्यक्ष प्रेम बोथरा और तेयुप मंत्री मांगीलाल बोथरा सहित संपूर्ण ज्ञानशाला परिवार उपस्थित रहा। परीक्षा के संचालन में सुनीता पुगलिया, सुनीता डोसी, मोहिनी चोपड़ा , रुचि छाजेड़ और रजनीश गोलछा सहित अनेक प्रशिक्षिकाओं ने परीक्षक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तेरापंथी सभा, महिला मंडल और तेरापंथ युवक परिषद (तेयुप) के कार्यकर्ताओं के सामूहिक श्रम नियोजन से यह वार्षिक परीक्षा संस्कार निर्माण के एक उत्सव के रूप में संपन्न हुई।








