बीकानेर बॉर्डर पर बड़ी साजिश नाकाम, पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजे गए 5 पिस्टल और 326 कारतूस; 70 किलो का भारी-भरकम ड्रोन बरामद
बीकानेर बॉर्डर पर बड़ी साजिश नाकाम,


बीकानेर, 26 फरवरी। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बीकानेर के खाजूवाला सेक्टर में सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पार से होने वाली हथियारों की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। गुरुवार को सीमा सुरक्षा बल (BSF) और स्थानीय पुलिस के संयुक्त सर्च ऑपरेशन में ग्राम पंचायत 14 बीडी (चक 24 केएनडी) स्थित एक किसान के खेत से अत्याधुनिक विदेशी हथियारों की खेप बरामद की गई है। खाजूवाला क्षेत्र में पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में हथियारों की डिलीवरी पकड़ी गई है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।


मेड इन चाइना हथियार और हाई-टेक ड्रोन
बीएसएफ के प्रवक्ता और कमांडेंट महेश चौधरी ने इस ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए बताया कि पाकिस्तानी तस्करों ने ड्रोन तकनीक का सहारा लेकर भारतीय सीमा में घुसपैठ की थी।


बरामदगी का विवरण: मौके से 5 मेड इन चाइना पिस्टल और लगभग 326 कारतूस जब्त किए गए हैं। तस्करों ने इन हथियारों को विशेष पैकेटों में बंद कर खेत में गिराया था।
विशालकाय ड्रोन: बरामद किए गए ड्रोन की क्षमता ने विशेषज्ञों को चौंका दिया है। इस ड्रोन का वजन करीब 70 किलोग्राम है, जो यह दर्शाता है कि अब सीमा पार से भारी पेलोड (वजन) ले जाने वाले शक्तिशाली ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों का संयुक्त सर्च ऑपरेशन
सूचना मिलते ही खाजूवाला सीओ अमरजीत चावला, थाना प्रभारी रोहित चौधरी और बीएसएफ की जी ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।
नेटवर्क की तलाश: फिलहाल पुलिस और बीएसएफ संयुक्त रूप से पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च अभियान चला रहे हैं। एजेंसियां इस बात की गहनता से जांच कर रही हैं कि सीमा के इस पार हथियारों की यह खेप किसे डिलीवर की जानी थी और इस स्थानीय नेटवर्क के पीछे कौन से देश विरोधी तत्व सक्रिय हैं।
ड्रग्स के बाद अब हथियारों का ‘ड्रोन रूट’
राजस्थान का 1000 किलोमीटर से लंबा बॉर्डर पिछले कुछ समय से ड्रोन तस्करी का केंद्र बना हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने 5 महीने पहले ही इस खतरे की चेतावनी दी थी।
ट्रेंड में बदलाव: पिछले तीन वर्षों में सुरक्षा एजेंसियों ने 60 से अधिक ड्रोन पकड़े हैं, जिनमें मुख्य रूप से हेरोइन जैसे नशीले पदार्थ होते थे। लेकिन अब हथियारों की इतनी बड़ी खेप का मिलना एक खतरनाक सुरक्षा ट्रेंड की ओर इशारा करता है।
बढ़ती क्षमता: पूर्व में ड्रोन 2 से 5 किलो वजन ढोते थे, लेकिन अब 15 से 70 किलो तक का लोड उठाने वाले ड्रोन का इस्तेमाल चिंता का विषय है।
