बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले तबादलों का ‘जंबो’ धमाका, राजस्थान में 4394 लेक्चरर और 167 वाइस प्रिंसिपल इधर-उधर


बीकानेर, 10 जनवरी। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान (RBSE) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में जब महज एक महीना शेष बचा है, शिक्षा विभाग ने प्रदेश भर में तबादलों की झड़ी लगा दी है। शनिवार को सरकारी अवकाश के बावजूद माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सक्रियता दिखाते हुए दो चरणों में कुल 4,394 लेक्चरर की ट्रांसफर लिस्ट जारी कर दी। सुबह करीब 7:45 बजे सबसे पहले हिंदी विषय के 1,644 लेक्चरर की सूची जारी हुई, जिसके बाद सुबह 10 बजे अन्य विषयों के 2,750 लेक्चरर को भी बदल दिया गया।


तबादलों का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। विभाग ने लेक्चरर के साथ-साथ 167 वाइस प्रिंसिपल और समकक्ष अधिकारियों की भी एक दिन पूर्व नई सूची जारी की है। इससे पूर्व, 6 जनवरी को भी 412 प्रिंसिपलों के तबादले किए गए थे। लगातार हो रहे इन प्रशासनिक फेरबदल से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक और प्रशासनिक अस्थिरता का माहौल पैदा हो गया है। सबसे अधिक तबादले जयपुर, नागौर और बीकानेर जिलों में देखने को मिले हैं।


12 फरवरी से परीक्षाएं: छात्रों की तैयारी पर ‘ब्रेक’ का खतरा
शिक्षा जगत के जानकारों और अभिभावकों ने विभाग के इस फैसले पर गहरी चिंता जताई है। उल्लेखनीय है कि इस बार बोर्ड परीक्षाएं मार्च के बजाय 12 फरवरी से ही शुरू हो रही हैं। सिलेबस में कोई कटौती नहीं की गई है और वर्तमान में छात्रों के रिवीजन और अतिरिक्त कक्षाओं का दौर चल रहा है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में अनुभवी लेक्चरर और स्कूल मुखियाओं के बदलने से टाइम-टेबल प्रबंधन और कमजोर विद्यार्थियों की विशेष कक्षाओं की योजना पर सीधा असर पड़ना तय है।
प्रशासनिक चुनौतियां और कम उपस्थिति की समस्या
तबादलों के इस ‘जंबो’ आदेश से केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि परीक्षा ड्यूटी का प्रबंधन भी विभाग के लिए सिरदर्द बन सकता है। तबादला होने पर नए स्थान पर जॉइनिंग और कार्यमुक्ति की प्रक्रिया में काफी समय बर्बाद होता है। दूसरी ओर, कड़ाके की सर्दी के बावजूद बोर्ड परीक्षार्थियों की छुट्टियां नहीं की गई हैं, लेकिन स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति पहले से ही कम बनी हुई है। अब शिक्षकों के अचानक चले जाने से स्कूलों में असमंजस की स्थिति है।








