बिजली विभाग में करोड़ों का ‘बिल घोटाला, फर्जी इनवॉइस और धमकियों के बीच अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान


बीकानेर, 12 जनवरी । जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (Jodhpur Discom) में भ्रष्टाचार और कर्मचारियों के शोषण का एक बड़ा मामला सामने आया है। ‘जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड कर्मचारी मजदूर संघ’ के प्रांतीय अध्यक्ष रामकुमार व्यास ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान विभाग में करोड़ों रुपये के फर्जी भुगतान का सनसनीखेज आरोप लगाया। व्यास ने चेतावनी दी कि यदि दोषी फर्म के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया, तो 19 जनवरी 2026 से मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।


करोड़ों का भ्रष्टाचार: 12 लाख का सामान, 65 लाख का बिल


रामकुमार व्यास ने सीधा आरोप लगाया कि ‘मैसर्स भवरिया इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्रा. लि. जयपुर’ ने ट्रंकी प्रोजेक्ट्स के तहत खरीदे गए सामान में भारी फर्जीवाड़ा किया है। उन्होंने दावा किया कि फर्म द्वारा खरीदे गए ट्रांसफार्मर की मूल इनवॉइस मात्र 12 लाख रुपये की थी, जिसे फर्जी तरीके से बढ़ाकर 65 लाख रुपये कर दिया गया। इसके अलावा, पीसीसी पोल के लिए कोई ‘ई-वे बिल’ (E-Way Bill) भी जारी नहीं किया गया और न ही जांच कमेटी को उपलब्ध कराया गया। व्यास का आरोप है कि सरकार और डिस्कॉम प्रबंधन शिकायत के बावजूद फर्म को बचाने में लगे हैं।
पदोन्नति में भेदभाव और कर्मचारियों का टोटा
भ्रष्टाचार के साथ-साथ व्यास ने कर्मचारियों की लंबित पदोन्नति का मुद्दा भी पुरजोर ढंग से उठाया। उन्होंने बताया कि 1992 में नियुक्त हुए करीब 350 से अधिक कर्मचारी अब तक पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं, जबकि उनके जूनियर पदोन्नत हो चुके हैं। केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के बयान को ‘हास्यास्पद’ बताते हुए व्यास ने कहा कि जिले में कर्मचारियों की अधिकता नहीं, बल्कि भारी कमी है। बीकानेर में 2317 पदों के मुकाबले मात्र 930 कार्मिक कार्यरत हैं। रिक्त पदों के बावजूद कर्मचारियों के जिले से बाहर तबादले किए जा रहे हैं, जिससे वे मानसिक तनाव में काम करने को मजबूर हैं।
अधिशाषी अभियंता पर ‘जान से मारने’ की धमकी का आरोप
प्रेस वार्ता में सबसे चौंकाने वाला खुलासा रामकुमार व्यास ने अपनी सुरक्षा को लेकर किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने इस ‘महाभ्रष्टाचार’ की शिकायत आलाधिकारियों और मंत्रियों तक पहुँचाई, तो विभाग के एक अधिशाषी अभियंता (XEN) ने उन्हें शिकायत वापस लेने की धमकी दी। व्यास के अनुसार, उन्हें कहा गया कि “ऑफिस से घर जाते समय किसी वाहन की चपेट में आ सकते हो।” व्यास ने स्पष्ट किया कि वे ऐसी धमकियों से विचलित नहीं होंगे और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।








