मुनि सम्यक रत्न सागर महाराज का आचार्य पदारोहण 13 फरवरी को, पालीताणा रवाना हुए बीकानेर के श्रद्धालु
मुनि सम्यक रत्न सागर महाराज का आचार्य पदारोहण 13 फरवरी को, पालीताणा रवाना हुए बीकानेर के श्रद्धालु


बीकानेर, 11 फ़रवरी । जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ समुदाय के लिए आगामी 13 फरवरी का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। जैन महातीर्थ पालीताणा की पावन धरा पर, खरतरगच्छाधिपति आचार्य पीयूष सागर महाराज के पावन सान्निध्य में बीकानेर के गौरव मुनि सम्यक रत्न सागर महाराज का ‘आचार्य पदारोहण’ समारोह आयोजित किया जाएगा। इस विशेष धार्मिक आयोजन का साक्षी बनने के लिए बुधवार को बीकानेर से बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं दो बसों के माध्यम से रतनगढ़ के लिए रवाना हुए, जहाँ से वे रेल मार्ग द्वारा पालीताणा पहुँचेंगे।


इस यात्रा दल में श्री जिनेश्वर युवक परिषद के अध्यक्ष संदीप मुसरफ, उपाध्यक्ष मनीष बोथरा, श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट के अध्यक्ष महावीर सिंह खजांची, मंत्री पूनम चंद नाहटा और श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के ट्रस्टी पवन खजांची सहित कई गणमान्य लोग शामिल हैं। परिषद के मंत्री मनीष नाहटा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का एक जत्था और मुनि श्री के सांसारिक परिजन पहले ही आयोजन स्थल पर पहुँच चुके हैं।


मुनि श्री का संयम पथ और बीकानेर से जुड़ाव
मुनि सम्यक रत्न सागर महाराज का जन्म बीकानेर के प्रतिष्ठित सुश्रावक भीखमचंद बरड़िया के घर हुआ था। उन्होंने 9 मई 2001 को सांसारिक सुखों का त्याग कर भगवती दीक्षा ग्रहण की थी। वर्ष 2024 में बीकानेर में आचार्य श्री जिन पीयूष सागर सूरीश्वरजी के साथ उनका पहला ऐतिहासिक चातुर्मास हुआ था, जिसने बीकानेर के जैन समाज में भक्ति की नई लहर पैदा की थी।
अपने संयम काल के दौरान मुनि श्री ने हजारों किलोमीटर की पदयात्रा कर भगवान महावीर के सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार किया। बीकानेर चातुर्मास के दौरान उन्होंने विशेष कक्षाओं के माध्यम से युवाओं और श्रावकों को जैन धर्म के गूढ़ रहस्यों और आगमों की बारीकियों से अवगत कराया। उनके मार्गदर्शन में अजमेर दादाबाड़ी सहित देश के कई जिनालयों और दादाबाड़ियों के विकास और प्रतिष्ठा के उल्लेखनीय कार्य संपन्न हुए हैं। 13 फरवरी को होने वाला यह पदारोहण समारोह उनके द्वारा की गई शासन प्रभावना का ही प्रतिफल है।
