पीबीएम के पालना गृह में मिला नवजात, बाल कल्याण समिति ने लिया संज्ञान
पीबीएम के पालना गृह में मिला नवजात, बाल कल्याण समिति ने लिया संज्ञान


- फेंकें नहीं, हमें दें’ अभियान का असर
बीकानेर, 22 फरवरी। बीकानेर के पीबीएम अस्पताल स्थित पालना गृह में एक नवजात लावारिस शिशु के आने की सूचना से प्रशासनिक और बाल संरक्षण महकमों में सक्रियता बढ़ गई है। बाल कल्याण समिति (CWC) ने इसे अपने हालिया जागरूकता अभियान की सकारात्मक सफलता के रूप में देखा है, जहां शिशु को असुरक्षित स्थान पर छोड़ने के बजाय सुरक्षित पालना गृह में पहुंचाया गया।


नीकू वार्ड पहुंचे समिति सदस्य, केयरटेकर की व्यवस्था
शिशु के आने की सूचना मिलते ही बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष जुगल किशोर व्यास और सदस्य जन्मेजय व्यास तुरंत शिशु अस्पताल के नीकू (NICU) वार्ड पहुंचे।


स्वास्थ्य जांच: समिति के सदस्यों ने मौके पर मौजूद चिकित्सकों से नवजात के स्वास्थ्य के बारे में विस्तृत जानकारी ली और विशेष देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
देखरेख की जिम्मेदारी: शिशु की उचित देखरेख और संरक्षण के लिए तत्काल प्रभाव से शिशु गृह (Infant Home) से एक महिला केयरटेकर की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। इस दौरान चाइल्ड हेल्प लाइन के समन्वयक प्रवेश आचार्य भी वहां मौजूद रहे।
सफल रहा “फेंकें नहीं, हमें दें” अभियान
समिति अध्यक्ष ने बताया कि पिछले माह ही जिला स्तर पर ‘फेंकें नहीं, हमें दें’ अभियान की शुरुआत की गई थी। इस अभियान का उद्देश्य आमजन को जागरूक करना था कि वे मजबूरीवश शिशुओं को झाड़ियों या असुरक्षित स्थानों पर लावारिस न छोड़ें, बल्कि उन्हें सरकारी पालना गृहों में सुरक्षित सुपुर्द करें।
न्यायिक संज्ञान: हाल ही में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव और अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्रीमती मांडवी राजवी ने भी पालना गृहों की स्थिति पर संज्ञान लिया था और अस्पताल प्रशासन को बेहतर देखरेख के निर्देश दिए थे।
जागरूकता का परिणाम: बाल अधिकार विभाग और समिति के निरंतर निरीक्षण और प्रचार-प्रसार के कारण ही अब लोग सुरक्षित माध्यमों को अपना रहे हैं, जिससे नवजात शिशुओं की जान बचाई जा पा रही है।
