डॉ. एल. सी. बैद चिल्ड्रन अस्पताल में एक दिन के मासूम को मिला जीवनदान, दुर्लभ ‘एसोफेजियल एट्रेसिया’ का सफल ऑपरेशन


बीकानेर ,5 दिसंबर । शहर के गंगाशहर रोड स्थित डॉ. एल. सी. बैद चिल्ड्रन अस्पताल के चिकित्सकों ने एक दिन के नवजात शिशु की जटिल सर्जरी कर उसे नई जिंदगी दी है। जन्म के कुछ ही घंटों बाद शिशु को अत्यधिक लार टपकने और सांस लेने में गंभीर कठिनाई हो रही थी। गहन जांच के बाद पता चला कि बच्चा ‘एसोफेजियल एट्रेसिया’ (Esophageal Atresia) नामक दुर्लभ जन्मजात बीमारी से पीड़ित है।


इस बीमारी में बच्चे की भोजन नली (एसोफेगस) पूरी तरह विकसित नहीं होती और वह पेट से जुड़ने के बजाय सांस की नली से असामान्य रूप से जुड़ जाती है। इस कारण दूध पेट तक नहीं पहुंच पाता, जिसका एकमात्र उपचार अत्यंत जटिल ऑपरेशन ही था।


सर्जन डॉ. तुषार आहूजा और टीम ने किया सफल ऑपरेशन
अस्पताल के वरिष्ठ शिशु सर्जन डॉ. तुषार आहूजा ने डॉ. एल. सी. बैद के मार्गदर्शन और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. धनपत डागा के सहयोग से इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को अंजाम दिया। टीम ने सफलतापूर्वक बच्चे की भोजन नली को पेट से जोड़ा और सांस की नली में आ रही बाधा को दूर किया।
ऑपरेशन के बाद शिशु को एनआईसीयू (NICU) में विशेष निगरानी में रखा गया। अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है, सामान्य रूप से दूध पी रहा है और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। सफल उपचार के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की टीम का आभार व्यक्त किया है।
संभाग का प्रमुख निजी शिशु केंद्र
गौरतलब है कि बीकानेर संभाग में डॉ. एल. सी. बैद चिल्ड्रन अस्पताल एकमात्र ऐसा निजी शिशु अस्पताल है, जहां नवजात शिशुओं की जटिल बीमारियों के लिए 24 घंटे उन्नत ऑपरेशन और इलाज की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस सफल ऑपरेशन में ओटी असिस्टेंट मेघराज सहित एनआईसीयू स्टाफ प्रवीण, नवीन, मुकेश, राहुल और समस्त मेडिकल टीम का सराहनीय योगदान रहा।








