राजस्थान बजट 2026: बीकानेर में कहीं उत्साह की लहर, तो कहीं उपेक्षा का दर्द; पक्ष-विपक्ष और उद्यमियों ने दी तीखी प्रतिक्रिया
राजस्थान बजट 2026


बीकानेर, 11 फ़रवरी । राजस्थान की वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा विधानसभा में पेश किए गए बजट 2026-27 को लेकर बीकानेर के राजनीतिक और औद्योगिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। जहाँ सत्ता पक्ष इसे ‘विकसित राजस्थान’ का रोडमैप बता रहा है, वहीं विपक्ष ने इसे ‘आंकड़ों की बाजीगरी’ करार दिया है। उद्यमियों ने औद्योगिक नीतियों का स्वागत किया है, लेकिन बीकानेर के लिए विशेष पैकेज की कमी पर मलाल भी जताया है।


औद्योगिक जगत: ‘प्लग एंड प्ले’ और स्टार्टअप लोन की सराहना
बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया और सचिव वीरेंद्र किराडू ने बजट को औद्योगिक विकास के लिए सकारात्मक बताया। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं के लिए 10 लाख तक के ब्याज मुक्त स्टार्टअप लोन और सूक्ष्म उद्योगों के लिए 15 करोड़ की मार्जिन मनी की घोषणा का स्वागत किया।


बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल ने ‘वन एप्लीकेशन–वन डिजिटल ट्रैक’ और डायरेक्ट अलॉटमेंट पॉलिसी के विस्तार को क्रांतिकारी कदम बताया। हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया कि बीकानेर को डेडिकेटेड लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी और क्लस्टर आधारित विशेष पैकेज की सख्त दरकार थी, जिस पर बजट मौन रहा।
सत्ता पक्ष: ‘हर घर खुशहाली’ और महिला सशक्तिकरण का संकल्प
बीकानेर पूर्व विधायक सुश्री सिद्धि कुमारी ने बजट को महिलाओं के प्रति समर्पित बताते हुए कहा कि ‘लखपति दीदी योजना’ की कर्ज सीमा 1.50 लाख करना और महिला पुनर्वास केंद्र खोलना ऐतिहासिक निर्णय हैं।
भाजपा देहात जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया और जिला महामंत्री दिलीप सिंह राजपुरोहित ने कृषि बजट की प्रशंसा करते हुए कहा कि 50 हजार सोलर पंप, 36 हजार फार्म पॉन्ड और 25 हजार करोड़ का ब्याज मुक्त फसली ऋण किसानों की तकदीर बदल देगा। मीडिया संयोजक मनीष सोनी और युवा मोर्चा महामंत्री पंकज अग्रवाल ने इसे ‘डबल इंजन’ सरकार की प्रतिबद्धता बताते हुए एआई स्टार्टअप प्रोग्राम और ‘राजस्थान टेस्टिंग एजेंसी’ के गठन को युवाओं के लिए मील का पत्थर बताया।
विपक्ष: रेल फाटकों और पेयजल के मुद्दे पर ‘धोखा’
कांग्रेस नेताओं ने बजट को पूरी तरह निराशाजनक बताया है। कांग्रेस नेता नित्यानंद पारीक ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बजट सरकार की विफलताओं को छिपाने का दस्तावेज है। उन्होंने कहा, “बीकानेर की सबसे बड़ी समस्या ‘रेल फाटक’ है, जिस पर तीसरे बजट में भी कोई ठोस प्रावधान न होना जनता के साथ विश्वासघात है।”
वहीं, नितिनवत्सस ने बजट को धरातल से कोसों दूर बताया। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा पर कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं और देशनोक पेयजल योजना के नाम पर भ्रामक आंकड़े पेश किए गए हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि बीजेपी ने बीकानेर को कुछ न देने की ‘सौगंध’ खा रखी है और पुराने स्वीकृत ओवरब्रिज के कार्यों का अता-पता नहीं है।
बजट की प्रमुख घोषणाएं एक नजर में:क्षेत्रमुख्य प्रावधानयुवा/स्टार्टअप10 लाख तक लोन पर 100% ब्याज अनुदान, नए टेक्नो हब।किसान8000 डिग्गी निर्माण, 50 हजार सोलर पंप, ₹160 करोड़ कृषि यंत्र अनुदान।महिला50 करोड़ से पुनर्वास केंद्र, लखपति दीदी लोन सीमा में वृद्धि।उद्योग₹350 करोड़ से प्लग एंड प्ले सुविधा, एमएसएमई को ₹15 करोड़ मार्जिन मनी।स्वास्थ्यअटल आरोग्य फूड कोर्ट और अस्पतालों में फायर डिटेक्शन सिस्टम।
