त्याग में धर्म, भोग में अधर्म: मुनि श्री कमल कुमार जी ने गंगाशहर में बताया आत्मा से परमात्मा बनने का मार्ग

shreecreates
quicjZaps 15 sept 2025

गंगाशहर, 16 जनवरी। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के तत्वावधान में आज उग्र विहारी तपोमूर्ति मुनि श्री कमल कुमार जी स्वामी का पावन प्रवास डागा गली (पुरानी लेन) स्थित सभा के सहमंत्री शान्तिलाल पुगलिया के निवास स्थान पर रहा। इस अवसर पर आयोजित विशेष प्रवचन सभा में मुनि श्री ने जैन दर्शन के गूढ़ रहस्यों को सरल भाषा में समझाते हुए श्रावक-श्राविकाओं को आत्म-कल्याण की राह दिखाई।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

आठ कर्मों से मुक्ति ही परमात्मा बनने का मार्ग
मुनि श्री ने अपने संबोधन में कहा कि जैन दर्शन का मूल सिद्धांत है— ‘आत्मा से परमात्मा बनना’। उन्होंने विस्तार से बताया कि मनुष्य जन्म के साथ आठ प्रकार के कर्म लेकर आता है, जो आत्मा को बंधनों में जकड़े रखते हैं। जब ये कर्म आत्मा से पूरी तरह अलग हो जाते हैं, तभी सिद्धत्व या परमात्मा पद की प्राप्ति होती है। भगवान महावीर ने इन कर्मों को क्षय करने के लिए ‘ज्ञान, दर्शन, चारित्र और तप’ का मार्ग प्रशस्त किया है।

pop ronak

मुनि श्री ने आठ कर्मों का उल्लेख करते हुए बताया कि ज्ञानावरणीय कर्म, दर्शनावरणीय कर्म , मोहनीय कर्म ,वेदनीय कर्म ,आयुष्य कर्म, नाम कर्म, गोत्र कर्म, अंतराय कर्म के कारण आत्मा अलग लग भवों में विचरण करती है।

त्याग का महत्व और सादगीपूर्ण जीवन
त्याग की महिमा मंडित करते हुए मुनि श्री ने कहा कि साधन संपन्न होने के बावजूद उनका मोह छोड़ना ही असली त्याग है। उन्होंने राजकुमार जम्बु का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे विपुल संपदा और आठ रानियों का सुख छोड़कर उन्होंने साधुत्व को अपनाया। उन्होंने आह्वान किया कि ‘सादा जीवन-उच्च विचार’ को अपनाएं, मौन का अभ्यास करें और संस्कारवान बनें। मुनि श्री ने गुरु के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि माता-पिता जन्म देते हैं, लेकिन गुरु सही मायने में जीवन जीना सिखाते हैं।

समारोह का विवरण
कार्यक्रम में पुगलिया परिवार की ओर से एकता पुगलिया ने सुमधुर गीतिका के माध्यम से मुनि श्री का स्वागत एवं अभिवंदना की। सभा के सहमंत्री शान्तिलाल पुगलिया ने आगंतुक सभी धर्मप्रेमियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर तेरापंथी सभा के मंत्री जतनलाल संचेती सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग उपस्थित थे।

भीखाराम चान्दमल 15 अक्टूबर 2025
mmtc 2 oct 2025

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *