शांति विद्या निकेतन में ऋषि पंचमी पर्व, छात्रों ने लिया प्रकृति संरक्षण का संकल्प



बीकानेर, 28 अगस्त। शांति विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय, शीतला गेट में स्काउट गाइड और करुणा क्लब इकाई द्वारा ऋषि पंचमी का पावन पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने सप्तऋषियों के महत्व को याद किया और प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।
ऋषि पंचमी का महत्व
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, स्कूल के वरिष्ठ कब मास्टर रमेश कुमार मोदी ने बताया कि ऋषि पंचमी भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाया जाने वाला एक पवित्र त्योहार है। यह सप्तऋषियों (कश्यप, भारद्वाज, विश्वामित्र, वशिष्ठ, जमदग्नि और गौतम) के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए मनाया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि ऋषियों का प्रकृति और पर्यावरण से गहरा संबंध था, जिससे हमें उनके आदर्शों का पालन करते हुए पर्यावरण का संरक्षण करना चाहिए।




ज्ञान और संस्कारों का पर्व
स्कूल के प्रधान हनुमान छींपा ने अपने संबोधन में कहा कि ऋषि पंचमी का पर्व हमें ऋषियों की परंपराओं की याद दिलाता है, जिन्होंने जंगलों, आश्रमों और गुरुकुलों में रहकर वेदों और उपनिषदों जैसे महान ग्रंथों की रचना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पर्व केवल धार्मिक नहीं है, बल्कि हमें सुसंस्कृत शिक्षा और गुरुजनों का सम्मान करना भी सिखाता है।
विद्यार्थियों ने लिया संकल्प
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। करुणा क्लब की अध्यक्ष मानवी सोलंकी ने पानी की बर्बादी न करने और सिंगल-यूज प्लास्टिक का बहिष्कार करने का संकल्प लिया। अक्षरा टांक ने कहा कि ऋषियों का संदेश ज्ञान, सेवा और प्रकृति संरक्षण का है, क्योंकि प्रकृति संरक्षण के बिना विज्ञान भी संभव नहीं है। इस अवसर पर शिक्षिका नीतू, खुशबू बडगुजर और हिमांशी सैन ने गुरु-शिष्य के पवित्र संबंधों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन मानवी सोलंकी और अक्षरा टांक ने किया। अंत में, रमेश कुमार मोदी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

