रॉबर्ट वाड्रा का ‘हिंदुत्व’ अवतार: माथे पर त्रिपुंड और पीछे तिरंगा; क्या राजनीति में एंट्री की है बड़ी तैयारी ?


नई दिल्ली/रणथंभौर, 07 जनवरी। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति और सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई व्यापारिक सौदा नहीं बल्कि उनका बदला हुआ ‘नया अवतार’ है। वाड्रा ने हाल ही में एक फेसबुक पोस्ट साझा की है, जिसमें वे माथे पर त्रिपुंड लगाए और पृष्ठभूमि में तिरंगा लहराते हुए नजर आ रहे हैं। उनके इस धार्मिक और राष्ट्रवादी लुक ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।


बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा की कड़ी निंदा
रॉबर्ट वाड्रा ने अपनी इस पोस्ट के जरिए पड़ोसी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा और उत्पीड़न पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में संदेश लिखते हुए कहा-
अस्वीकार्य अत्याचार: वाड्रा ने लिखा कि किसी देश की आंतरिक अस्थिरता या प्रशासनिक विफलता किसी समुदाय पर हिंसा को सही नहीं ठहरा सकती।


मानवाधिकारों की रक्षा: उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक अराजकता की बलि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और मानवाधिकारों को नहीं चढ़ाया जा सकता। यह पूरी तरह अस्वीकार्य है कि वहां की अव्यवस्था का खामियाजा हिंदुओं को भुगतना पड़े।
धार्मिक प्रतीकों के जरिए क्या है राजनीतिक मकसद?
वाड्रा की इस पोस्ट में ॐ और तिरंगे के इमोजी का उपयोग उनके ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ की ओर झुकाव के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल मानवीय संवेदना का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे भविष्य की सोची-समझी रणनीति हो सकती है।
राजनीतिक महत्वाकांक्षा: वाड्रा पहले भी कई बार राजनीति में आने की इच्छा जता चुके हैं। अप्रैल 2025 में उन्होंने कहा था, “अगर कांग्रेस बुलाएगी, तो मैं परिवार की सहमति से राजनीति में कदम रखूंगा।”
अमेठी-रायबरेली का संकेत: 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले भी उन्होंने अमेठी या रायबरेली से चुनाव लड़ने के संकेत दिए थे, हालांकि कांग्रेस आलाकमान ने तब उन्हें हरी झंडी नहीं दी थी।
अपनी छवि का बदलाव: त्रिपुंड और राष्ट्रवादी प्रतीकों के साथ खुद को पेश कर वाड्रा शायद उन मतदाताओं तक पहुंचना चाहते हैं जो धर्म और राष्ट्रवाद को प्राथमिकता देते हैं।
कांग्रेस का रुख और वाड्रा का भविष्य
वाड्रा लगातार खुद को एक ऐसे नेता के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं जो जमीन से जुड़ा हो और राष्ट्रीय मुद्दों पर मुखर हो। हालांकि, कांग्रेस पार्टी ने अब तक उनकी राजनीतिक सक्रियता को लेकर कोई आधिकारिक पद या चुनावी टिकट की घोषणा नहीं की है। 2026 की शुरुआत में वाड्रा का यह नया रूप संकेत दे रहा है कि वे अब और अधिक इंतजार करने के मूड में नहीं हैं और अपनी राजनीतिक जमीन खुद तैयार कर रहे हैं।
वर्तमान में वाड्रा परिवार के साथ रणथंभौर में हैं, जहां वे नए साल की छुट्टियों के साथ-साथ अपने बेटे रेहान वाड्रा की शादी की चर्चाओं के बीच अपनी इस नई राजनीतिक ‘ब्रांडिंग’ को लेकर भी चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं।








