बीकानेर में ‘श्री अनेकान्त विहार’ का लोकार्पण; मात्र ₹10 में मिलेगा 76 परिवारों को घर


बीकानेर, 16 जनवरी। मरुधरा की पावन धरा पर आज सेवा और साधर्मिक भक्ति का एक ऐसा अध्याय लिखा गया, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई देगी। उदासर स्थित ग्राम पंचायत रोड पर नवनिर्मित ‘श्री अनेकान्त विहार’ का भव्य लोकार्पण गच्छाधिपति पद्मश्री विभूषित आचार्य श्रीमद् विजय नित्यानंद सूरीश्वरजी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ। बैंड-बाजे की धुन और गुरु वंदन के जयघोष के बीच आयोजित इस समारोह में समाज के वंचित तबके के लिए खुशियों के द्वार खोल दिए गए।


साधर्मिक भक्ति ही परमात्मा की सच्ची पूजा: गच्छाधिपति


लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए आचार्यश्री ने भावुक कर देने वाली मंगलवाणी दी। उन्होंने कहा, “आंखों से किए गए परमात्मा के दर्शन तब तक सार्थक नहीं होंगे, जब तक आप अपने ही भाइयों (साधर्मिकों) के दुख दूर नहीं कर देते। एक पलड़े में जीवनभर की साधना-तप रख दो और दूसरे में मात्र साधर्मिक भक्ति, तो दोनों बराबर होंगे। रोते हुए चेहरों को हंसाने वाला ही सच्चा इंसान होता है।” मुनिश्री मोक्षानन्दजी महाराज ने भी अपने उद्बोधन में इस प्रकल्प को मानवता के लिए मील का पत्थर बताया।
क्या है ‘श्री अनेकान्त विहार’ योजना?
श्री जनमंगल फाउंडेशन द्वारा मुनिश्री अनेकान्त विजयश्री महाराज की स्मृति में तैयार किया गया यह प्रकल्प देश में अपनी तरह का अनूठा प्रयोग है।
मात्र ₹10 प्रतिमाह किराया
जैन समाज के जरूरतमंद परिवारों को 1-BHK और 2-BHK के फ्लैट निवास हेतु दिए जाएंगे, जिनका किराया मात्र 10 रुपए टोकन के रूप में लिया जाएगा।
76 आधुनिक फ्लैट
पांच हजार गज से अधिक भूमि पर बने इस विहार में 76 परिवारों के रहने की व्यवस्था की गई है।
पुनः रजिस्ट्रेशन का प्रावधान
लाभार्थी परिवार 3 वर्ष की अवधि के लिए यहां रह सकेंगे। यदि 3 वर्ष बाद भी परिवार सक्षम नहीं हो पाता है, तो पुनः रजिस्ट्रेशन करवाकर अवधि बढ़वाई जा सकती है।
समाज का समाज के लिए सहयोग
इस प्रकल्प का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सिर छुपाने की छत देकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का समय प्रदान करना है।
सम्मान और आतिथ्य
कार्यक्रम के दौरान श्री जनमंगल फाउंडेशन के सुशील बैद, विमल कोचर, विनोद दस्साणी और विकास सिरोहिया ने अतिथियों का स्वागत किया। समारोह में विधायक जेठानन्द व्यास, आरएसएस के टेकचन्द बरड़िया, विनायक शर्मा, पूर्व यूआईटी चेयरमैन महावीर रांका, समाजसेवी जेठमल सुराणा सहित शहर के अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। विहार के आर्किटेक्ट अर्पित अभाणी का भी उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अभिनंदन किया गया। अंत में गणेशमल बोथरा ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
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बीकानेर में आध्यात्मिक संगम: गच्छाधिपति नित्यानंद सूरीश्वरजी और आचार्य रामलालजी के बीच आत्मीय मिलन
बीकानेर/उदासर, 16 जनवरी। राजस्थान की आध्यात्मिक धरा बीकानेर के उदासर में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक और सौहार्दपूर्ण दृश्य देखने को मिला। जैन श्वेताम्बर तपागच्छ के गच्छाधिपति, पद्मश्री आचार्य नित्यानंद विजय सूरीश्वरजी महाराज ने अखिल भारतीय साधुमार्गी जैन संघ के आचार्य रामलालजी म.सा. से शिष्टाचार मुलाकात की। दो महान संतों के इस मिलन ने न केवल जैन समाज बल्कि संपूर्ण धर्मप्रेमी जनता को एकता और सद्भाव का संदेश दिया।
मुलाकात के दौरान दोनों आचार्यों ने एक-दूसरे की कुशल क्षेम पूछी और पुरानी स्मृतियों को ताजा किया। विशेष रूप से अतीत में आचार्य नानालालजी महाराज के समय हुई मुलाकातों और पूर्व के प्रसंगों का स्मरण करते हुए धर्म चर्चा की गई। इस पावन अवसर पर उपाध्याय प्रवर राजेश मुनि, उदासर संघ के अध्यक्ष राजेंद्र सेठिया, मंत्री मनोज सेठिया सहित मुनिवृंद और बड़ी संख्या में गणमान्य श्रावक उपस्थित रहे। संतों के इस मिलन से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय और ऊर्जावान हो गया।
उदयरामसर में कल गूंजेगी गच्छाधिपति की मंगलवाणी
गच्छाधिपति आचार्य नित्यानंद विजय सूरीश्वरजी शुक्रवार शाम को विहार करते हुए गौडी पार्श्वनाथ पहुंचे, जहां श्रद्धालुओं ने उनका भव्य स्वागत किया। शनिवार सुबह वे यहां से विहार कर उदयरामसर स्थित ‘नेमी देवी थानमल बोथरा विहार स्थल’ पहुंचेंगे।
आयोजन समिति के सदस्य पवन बोथरा ने बताया कि शनिवार को गच्छाधिपति की पावन निश्रा में भव्य प्रवचन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें आचार्यश्री जीवन दर्शन, संयम और मानव सेवा पर अपने विचार साझा करेंगे। प्रवचन के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए गौतम प्रसादी का विशेष आयोजन भी रखा गया है। उदयरामसर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रावकों के जुटने की संभावना है।








