SKRAU में दीक्षारंभ कार्यक्रम का समापन; कुलगुरु डॉ. दुबे ने कहा— कृषि शोध में हैं असीम संभावनाएं, विद्यार्थी बनें गंभीर


बीकानेर, 6 जनवरी। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (SKRAU) के कृषि महाविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित ‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रम का मंगलवार को भव्य समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि और विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राजेंद्र बाबू दुबे ने कृषि स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया।


लगन और शोध से संवरेगा भविष्य
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कुलगुरु डॉ. दुबे ने कहा कि वर्तमान दौर में कृषि शिक्षा मात्र एक डिग्री नहीं, बल्कि नवाचार और अनुसंधान का एक विशाल फलक है। उन्होंने जोर देकर कहा:


अपार संभावनाएं: कृषि शिक्षा और शोध के क्षेत्र में असीम संभावनाएं मौजूद हैं, बस आवश्यकता इस बात की है कि विद्यार्थी अपने अध्ययन को लेकर गंभीर और अनुशासित रहें।
सुविधाओं का भरोसा: कुलगुरु ने विश्वास दिलाया कि विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण के साथ-साथ छात्रावास, खेलकूद और अन्य बुनियादी सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर मुहैया कराई जाएंगी। उन्होंने छात्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन भी दिया।
महाविद्यालय की प्रगति और सुविधाओं पर चर्चा
समारोह के दौरान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी.के. यादव ने ‘सिक्स डीन कमेटी’ की सिफारिशों और महाविद्यालय का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस सत्र में विद्यार्थियों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं:
- प्रयोगशालाओं और पुस्तकालय के उपयोग के नियम।
- एनसीसी (NCC), एनएसएस (NSS) और छात्र कल्याण गतिविधियां।
- परीक्षा नियंत्रक द्वारा परीक्षा नियम, छात्रवृत्ति और अनुशासन संबंधी दिशा-निर्देश। कार्यक्रम के अंत में सहायक निदेशक (छात्र कल्याण) डॉ. के.सी. बैरवा ने सभी का आभार व्यक्त किया।
लैब्स का निरीक्षण और परीक्षाओं का जायजा
दीक्षारंभ कार्यक्रम के उपरांत कुलगुरु डॉ. दुबे ने महाविद्यालय की विभिन्न प्रयोगशालाओं (Labs) का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने लैब में स्थापित आधुनिक उपकरणों की कार्यप्रणाली को देखा और निर्देश दिए कि:
- महाविद्यालय की लैब्स का शत-प्रतिशत लाभ विद्यार्थियों को मिलना सुनिश्चित हो।
- सभी वैज्ञानिक उपकरण हमेशा क्रियाशील (Functional) स्थिति में रहें। इसके साथ ही उन्होंने परिसर में चल रही परीक्षाओं का भी निरीक्षण किया और वीक्षकों को परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।








