बारिश के बीच दिल्ली-NCR में भूकंप के तेज झटके, 10 सेकेंड तक हिली धरती

बारिश के बीच दिल्ली-NCR में भूकंप के तेज झटके, 10 सेकेंड तक हिली धरती
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quicjZaps 15 sept 2025
  • रिक्टर स्केल पर तीव्रता 4.4, केंद्र हरियाणा के झज्जर में; दहशत में लोग घरों से बाहर निकले

नई दिल्ली, 10 जुलाई। राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में गुरुवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिसने आमजन को दहशत में ला दिया। यह भूकंप सुबह 9:04 बजे आया और लगभग 10 सेकेंड तक धरती हिलती रही। बारिश के बीच आए इन झटकों से लोग डर के मारे अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र हरियाणा का झज्जर जिला बताया गया है। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.4 मापी गई, जो मध्यम श्रेणी में आती है। हालांकि, कहीं से जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। दिल्ली पुलिस ने भी सोशल मीडिया के जरिए सभी नागरिकों की कुशलता की कामना करते हुए जानकारी दी कि फिलहाल किसी हानि की सूचना नहीं मिली है।

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किन-किन इलाकों में महसूस हुए झटके?
भूकंप के झटके दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, हिसार, सोनीपत सहित अनेक क्षेत्रों में महसूस किए गए। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा, “उम्मीद है कि सभी लोग सुरक्षित होंगे। सभी की कुशलता के लिए प्रार्थना करता हूँ।”

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भूकंप कैसे आता है?
धरती के अंदर सात टेक्टोनिक प्लेट्स होती हैं, जो लगातार हिलती रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती या खिसकती हैं, तो भूगर्भीय ऊर्जा का विस्फोट होता है, जिससे धरती की सतह हिलने लगती है। इसी प्रक्रिया को भूकंप कहा जाता है। भूकंप को मापने के लिए रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल का उपयोग किया जाता है, जिसकी गणना 1 से 9 तक होती है।

  • 1 से 3 तक के भूकंप सामान्य होते हैं.
  • 4 से 5.9 मध्यम तीव्रता के होते हैं.
  • 6 से 7.9 तक के भूकंप विनाशकारी हो सकते हैं.
  • 8 या उससे ऊपर बेहद घातक माने जाते हैं.

विशेषज्ञों के अनुसार, 4.4 तीव्रता वाला यह भूकंप मध्यम श्रेणी का था, जो सामान्य संरचनाओं को नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन ऊंची इमारतों में झटके स्पष्ट रूप से महसूस होते हैं।

सावधानी बरतें, सतर्क रहें
हालांकि इस भूकंप में कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि भूकंप के दौरान सावधानी जरूरी होती है। लोग खुले स्थानों में रहें, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें, और सुरक्षित आश्रय की ओर जाएं।प्राकृतिक आपदाओं के प्रति जागरूक रहकर ही हम स्वयं और समाज को सुरक्षित रख सकते हैं।

 

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