राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील का 64वां शैक्षिक सम्मेलन बीकानेर में शुरू

राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील का 64वां शैक्षिक सम्मेलन बीकानेर में शुरू
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quicjZaps 15 sept 2025

बीकानेर, 26 सितंबर । राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील का 64वां दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन आज कचहरी परिसर स्थित पेंशनर समाज भवन में शुरू हुआ। इस सम्मेलन में शिक्षा के महत्व, शिक्षकों की भूमिका और उनकी समस्याओं पर गहन चिंतन किया गया।
शिक्षक ही राष्ट्र की नींव हैं: वक्ताओं का मत
सम्मेलन की अध्यक्षता गुलाब नाथ योगी ने की, जिन्होंने देश के विकास में शिक्षक की भूमिका को अहम बताया। मुख्य अतिथियों और वक्ताओं ने शिक्षकों के सम्मान और उनके मूल कार्य पर ध्यान केंद्रित किया:

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महावीर ढाका (जिला शिक्षाधिकारी) ने कहा कि शिक्षक के बिना देश अधूरा है, क्योंकि देश की प्रत्येक योजना का निर्माण शिक्षाविद ही करते हैं।
राजेश गोस्वामी (जिला शिक्षाधिकारी) ने शिक्षकों के सम्मान की बात करते हुए उन्हें राष्ट्र की नींव बताया।
सुभाष आचार्य (प्रदेश सलाहकार मंडल अध्यक्ष और मुख्य वक्ता) ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज देश में शिक्षक का सम्मान कमजोर हुआ है। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह शिक्षकों से शैक्षिक कार्य के अलावा अन्य विभागों के कार्य (जैसे चुनाव कार्य) करवाकर उन्हें मूल कार्य से भटका रही है, जो राष्ट्र के विकास से दूर होने के बराबर है।
प्रदेश महामंत्री यतीश वर्मा ने गाँव-गाँव और ढाणी-ढाणी तक शिक्षा पहुँचाने के संकल्प को दोहराया।
सभाध्यक्ष गोविंद भार्गव ने कहा कि शिक्षा का दीपक केवल शिक्षक ही जलाएगा।

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सम्मेलन का उद्देश्य और गतिविधि
जिलाध्यक्ष आनंद पारीक ने कहा कि आज सम्मेलनों की आवश्यकता इसलिए है क्योंकि शिक्षा नीति को व्यवस्थित रूप से लागू करने और शिक्षा के समुचित विकास के लिए सामूहिक चिंतन-मंथन आवश्यक है।
विशिष्ट अतिथि श्रीमती शारदा पहाड़िया ने ऐसे सम्मेलनों को शिक्षकों की समस्याओं और शिक्षा के विकास पर चर्चा के लिए सुखद बताया। जिला मंत्री मोहम्मद असलम ने वार्षिक प्रतिवेदन पढ़कर पूरे वर्ष की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्षों और मंत्रियों को प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो और ओपरना पहनाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर गोविंद भार्गव, बृजमोहन सिंह, नरेश नाथ, संदीप, विजयलक्ष्मी, माया पारीक, पंकज बिश्नोई, गोपाल पारीक आदि शिक्षक नेताओं ने शिक्षा के विकास और शैक्षिक समस्याओं पर गहन विचार-विमर्श किया।

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