हनुमानगढ़ में ‘पंच गौरव’ कृषि मेले का भव्य समापन
हनुमानगढ़ में 'पंच गौरव' कृषि मेले का भव्य समापन


- नवाचारों से समृद्ध होगा किसान; 23 करोड़ का भैंसा ‘अनमोल’ रहा आकर्षण का केंद्र
हनुमानगढ़, 23 फरवरी। जिला प्रशासन, एमएसएमई और श्री खुशाल दास (SKD) यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय ‘पंच गौरव कृषि मेला 2026’ का सोमवार को रंगारंग समापन हुआ। ‘अन्नदाता से अन्नपूर्णा तक का समृद्धि पथ’ थीम पर आधारित इस मेले ने न केवल हनुमानगढ़, बल्कि पड़ोसी राज्यों के हजारों किसानों को आधुनिक खेती और स्मार्ट समाधानों से रूबरू करवाया। मेले के अंतिम दिन प्रगतिशील किसानों और पशुपालकों को सम्मानित कर उनकी हौसलाअफजाई की गई।


तकनीक अपनाएं किसान, आय होगी दोगुनी- कलेक्टर खुशाल यादव
समापन समारोह को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर खुशाल यादव ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का मेला किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। कलेक्टर ने बताया कि यहां के किसान जागरूक हैं और उन्होंने मेले में प्रदर्शित उपकरणों में गहरी रुचि दिखाई है।


स्मार्ट खेती: पेस्टिसाइड के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए जैविक और समग्र खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया गया। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की मंशानुरूप इस मेले का आयोजन किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से किया गया।
23 करोड़ का भैंसा ‘अनमोल’ और आधुनिक मशीनों का जलवा
मेले में तकनीक के साथ-साथ पशु सौंदर्य प्रतियोगिता ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं।
अनमोल की चर्चा: मेले में 23 करोड़ रुपये की कीमत वाला मुर्रा नस्ल का भैंसा ‘अनमोल’ सबसे बड़ा आकर्षण रहा। इसके अलावा करोड़ों की लागत वाले ट्रैक्टर और कंबाइन मशीनों को देखने के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ी।
वैज्ञानिक संवाद: आईसीएआर (ICAR) के उप महानिदेशक डॉ. राजबीर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय ने किसानों को ऐसा मंच दिया है जहां रिसर्च और तकनीक का संगम हुआ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों द्वारा पसंद किए गए उपकरणों पर सब्सिडी दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
प्रगतिशील किसानों और पशुपालकों का हुआ सम्मान
मेले के दौरान उन किसानों को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपनी कम जोत में नवाचार कर मिसाल पेश की है।
नवाचारी कृषक: जैविक खेती के लिए गिरधारी लाल व उर्मिला धारणिया, अंजीर के लिए संदीप गोदारा और ड्रेगन फ्रूट के लिए सुनील कुमार सहित कई किसानों को प्रशस्ति पत्र दिए गए।
नकद पुरस्कार: आत्मा योजना के तहत जिला स्तर पर चयनित 10 किसानों को 25-25 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई।
पशुपालक: विभिन्न नस्ल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को 5100 से लेकर 31,000 रुपये तक के चेक भेंट किए गए।
संगठन और भविष्य की राह
विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन वरुण यादव और ट्रस्ट अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि मेले का उद्देश्य किसानों का ज्ञानवर्धन करना था। उन्होंने ‘जय जवान, जय विज्ञान, जय किसान’ के नारे के साथ किसानों से आधुनिक तकनीक को धरातल पर उतारने की अपील की। कार्यक्रम का सफल संचालन भीष्म कौशिक ने किया। इस दौरान जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक और जन प्रतिनिधि मौजूद रहे।
