विश्व शांति की कामना के लिए बीकानेर में गूंजा ‘सामायिक’ का स्वर


- हजारों लोगों ने एक साथ की समता की साधना
बीकानेर, 4 दिसम्बर । अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के आह्वान पर नए साल के पहले रविवार को पूरे देश के साथ बीकानेर के गंगाशहर में भी ‘अभिनव सामायिक फेस्टिवल’ का भव्य आयोजन किया गया। युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के आज्ञानुवर्ती उग्र विहारी तपोमूर्ति मुनि श्री कमल कुमार जी के पावन सान्निध्य में आयोजित इस कार्यक्रम ने विश्व शांति और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया।


तेरापंथ युवक परिषद (तेयुप) गंगाशहर के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में समाज के युवाओं, किशोरों और श्रावक-श्राविकाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस दौरान पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत नजर आया।


देश और नेपाल में 368 शाखाओं ने एक साथ साधा ‘समत्व’
परिषद के अध्यक्ष ललित राखेचा ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन मांडोत के नेतृत्व में देश भर की 368 शाखाओं में एक ही समय पर इस फेस्टिवल का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय महामंत्री सौरभ पटावरी के अनुसार, भारत के साथ-साथ नेपाल में भी हजारों लोगों ने एक साथ सामायिक कर विश्व मैत्री और शांति की मंगल कामना की। सामायिक के इस सामूहिक अनुष्ठान का उद्देश्य भागदौड़ भरी जिंदगी में युवाओं को अपनी अंतरात्मा से जोड़ना है।

आत्मा को निर्मल करने का उपक्रम है सामायिक: मुनि कमल कुमार
समारोह को संबोधित करते हुए मुनि श्री कमल कुमार जी ने सामायिक के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जैन धर्म में सामायिक ‘समता की साधना’ है। इन 48 मिनटों के लिए व्यक्ति समस्त सांसारिक मोह-माया और सावध योग का त्याग कर शुद्ध आत्म-स्वरूप में लीन हो जाता है, जिससे आत्मा निर्मल और पवित्र बनती है। मुनि श्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सामायिक केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि मानसिक शांति और आत्म-साक्षात्कार का विज्ञान है।
आध्यात्मिक विकास के लिए निरंतर प्रयास
परिषद के मंत्री मांगीलाल बोथरा ने जानकारी दी कि आचार्य श्री महाश्रमण जी के इंगित अनुसार, संस्था समाज के नैतिक और आध्यात्मिक उत्थान के लिए ऐसे रचनात्मक कार्य भविष्य में भी जारी रखेगी। सामायिक फेस्टिवल में तेरापंथ सभा, महिला मंडल और अन्य संस्थाओं के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।








