खूंखार कुत्ते का आतंक, 15 भेड़-बकरियों को उतारा मौत के घाट; बचाने आए 9 वर्षीय मासूम को भी जख्मी किया


बीकानेर, 4 दिसम्बर । जिले के पूगल थाना क्षेत्र में एक आवारा कुत्ते के हमले ने पशुपालक परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। पूगल के चक 8 एलएम (गांव डेली तलाई) में एक खूंखार कुत्ते ने बाड़े में घुसकर 15 भेड़-बकरियों के बच्चों को मार डाला। इस दौरान पशुओं को बचाने की कोशिश कर रहे एक 9 साल के बच्चे पर भी कुत्ते ने हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।


जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक वाकया शनिवार रात का है जब किसान आशुराम मेघवाल का परिवार सो रहा था। इसी दौरान एक आवारा कुत्ता घर के समीप बने भेड़-बकरियों के बाड़े में घुस गया। कुत्ते ने बाड़े में मौजूद छोटे मेमनों और बकरी के बच्चों पर ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया। इस हमले में 15 पशुओं की मौके पर ही मौत हो गई। पशुपालक के अनुसार, हाल ही में इन बकरियों ने बच्चों को जन्म दिया था, जिससे परिवार को भारी आर्थिक क्षति हुई है।


पशुओं को बचाने दौड़े मासूम पर भी किया हमला
बाड़े से आ रही पशुओं की चीख-पुकार सुनकर जब परिवार का 9 वर्षीय बच्चा उन्हें बचाने के लिए मौके पर पहुंचा, तो कुत्ते ने उस पर भी हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्चे के शरीर पर कई जगह गहरे घाव कर दिए। घायल मासूम को तत्काल पूगल के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उसका उपचार जारी है। गनीमत रही कि परिजनों के समय पर पहुंचने से बच्चे की जान बच गई।
प्रशासन से मुआवजे की गुहार
इस घटना ने गरीब चरवाहे आशुराम मेघवाल की कमर तोड़ दी है। ग्रामीणों के अनुसार, पूगल क्षेत्र में एक बकरी की औसत कीमत दो से ढाई हजार रुपये होती है, ऐसे में किसान को हजारों रुपये का सीधा नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए और आवारा कुत्तों के आतंक से निजात दिलाई जाए।
ग्रामीणों में दोबारा हमले का डर
घटना के बाद डेली तलाई और आसपास के चकों में ग्रामीण सहमे हुए हैं। लोगों को डर है कि खूंखार हो चुका कुत्ता दोबारा बच्चों या पशुओं को निशाना बना सकता है। एहतियात के तौर पर कई पशुपालकों ने अपने बाड़ों की सुरक्षा बढ़ा दी है और बच्चों को घर से बाहर अकेले नहीं निकलने की सलाह दी जा रही है।








