युवा शक्ति और कानून का संगम; बिनानी कन्या महाविद्यालय में सात दिवसीय रासेयो शिविर का भव्य आगाज


बीकानेर , 12 जनवरी । स्वामी विवेकानंद के जन्मोत्सव ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के अवसर पर बिनानी कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की तीनों इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं अपर जिला व सेशन न्यायाधीश श्रीमती मांडवी राजवी रहीं। उन्होंने माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर शिविर का उद्घाटन किया और छात्राओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका पहचानने के लिए प्रेरित किया।


मुख्य अतिथि श्रीमती मांडवी राजवी ने विवेकानंद के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा कि भारत का भविष्य शानदार इमारतों में नहीं, बल्कि इसके युवाओं के चरित्र में निहित है। उन्होंने आज के दौर में युवाओं के सामने आने वाले भटकाव के साधनों की चर्चा करते हुए कहा कि केवल अध्यात्म और मजबूत मनोबल ही सही रास्ता दिखा सकते हैं। न्यायाधीश राजवी ने कानून व्यवस्था में महिलाओं के अधिकारों पर विस्तृत प्रकाश डाला और संवाद के माध्यम से छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों का साहसपूर्वक मुकाबला करने के गुर सिखाए। प्राचार्य डॉ. अरुणा आचार्य ने कहा कि न्यायाधीश महोदया का उद्बोधन स्वयंसेविकाओं को भविष्य के लिए नए सपने दिखाने वाला है।


साइबर सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण पर चर्चा शिविर के द्वितीय सत्र में नया शहर थाना से पधारे एएसआई श्रीमती सुनीता और शेरसिंह ने छात्राओं को पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। श्रीमती सुनीता ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि कैसे घरेलू रूढ़ियों को तोड़कर उन्होंने पुलिस सेवा में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने छात्राओं को अपना लक्ष्य निर्धारित कर कड़ी मेहनत करने की सीख दी।
वहीं, एएसआई शेरसिंह ने वर्तमान दौर में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति स्वयंसेविकाओं को आगाह किया। उन्होंने तकनीकी सुरक्षा के टिप्स देते हुए कहा कि किसी भी अज्ञात लिंक को न खोलें और मोबाइल पासवर्ड को कठिन रखें। उन्होंने बीकानेर में साइबर अपराधों की स्थिति पर चर्चा करते हुए जागरूकता को ही सबसे बड़ा बचाव बताया। साथ ही, सड़क सुरक्षा के लिए हेलमेट के अनिवार्य प्रयोग पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में रासेयो प्रभारी डॉ. रामकुमार व्यास ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन पूरी तरह ‘कानून और न्याय’ के नाम रहा, जो छात्राओं को भविष्य में जागरूक नागरिक बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. अशोक व्यास ने किया। इस अवसर पर संगीत विभाग की छात्राओं ने ‘उठे समाज के लिए…’ गीत की मधुर प्रस्तुति दी।








