कंवरसेन लिफ्ट नहर के जीर्णोद्धार हेतु 185 करोड़ स्वीकृत, 28 हजार किसानों की बदलेगी तकदीर
कंवरसेन लिफ्ट नहर के जीर्णोद्धार हेतु 185 करोड़ स्वीकृत, 28 हजार किसानों की बदलेगी तकदीर


बीकानेर, 16 फरवरी। बीकानेर के लूणकरणसर क्षेत्र के किसानों के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक रहा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा ने घोषणा की है कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार कंवरसेन लिफ्ट नहर के क्षतिग्रस्त खालों (Water Channels) के जीर्णोद्धार के लिए 185 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से 35 गांवों के 28 हजार काश्तकार सीधे लाभान्वित होंगे और लगभग 26 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई व्यवस्था में क्रांतिकारी सुधार आएगा।


जयपुर रोड स्थित गंगा रिजॉर्ट में आयोजित किसान संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री गोदारा ने कहा कि वर्तमान में खाले लगभग 50 वर्ष पुराने और जर्जर हो चुके हैं, जिससे 30 प्रतिशत तक सिंचाई का पानी व्यर्थ बह जाता है। इस जीर्णोद्धार के बाद पानी की छीजत रुकेगी और टेल (अंतिम छोर) पर बैठे किसान के खेत तक पर्याप्त पानी पहुँचेगा। अनुमान है कि इस जल बचत से क्षेत्र के किसान प्रतिवर्ष 45 करोड़ रुपए की अतिरिक्त फसल पैदा कर सकेंगे।


31 पैकेज में होगा कार्य, चक समितियां रखेंगी गुणवत्ता पर नजर
परियोजना को पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने विशेष रणनीति तैयार की है।
समय सीमा: यह कार्य 31 पैकेज में विभाजित किया गया है, जिसके पहले चरण के 9 कार्यादेश जारी हो चुके हैं। पूरा प्रोजेक्ट मार्च 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।
चक समितियां: कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों के साथ-साथ पांच-पांच जागरूक नागरिकों की ‘चक समितियां’ गठित की गई हैं।
आधुनिक निर्माण: पुराने समय की मिट्टी की ईंटों के स्थान पर अब सीमेंट-कंक्रीट की ईंटों का उपयोग किया जाएगा, जिससे खालों की मजबूती और उम्र बढ़ेगी।
पम्पिंग स्टेशनों का होगा सुदृढ़ीकरण: 14 करोड़ का अतिरिक्त बजट
मंत्री गोदारा ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किसानों की सुविधा के लिए इस वर्ष 14 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया है। इसके तहत:अतिरिक्त संसाधन: प्रत्येक पम्पिंग स्टेशन को 22 नए पम्प, 2 क्रेन और 2 ट्रांसफार्मर मिलेंगे।
निर्बाध जलापूर्ति: अतिरिक्त ट्रांसफार्मर होने से बिजली कट की स्थिति में मात्र 15 सेकंड के भीतर दूसरा ट्रांसफार्मर काम शुरू कर देगा, जिससे सिंचाई के लिए जलापूर्ति बाधित नहीं होगी।
व्हाट्सऐप से जुड़ेंगे किसान और अधिकारी
प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि चक समितियों के सदस्यों और आईजीएनपी के अधिकारियों का एक साझा व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया जाए, जिसमें वे स्वयं भी जुड़ेंगे। इस ग्रुप के माध्यम से नहर के रेगुलेशन (पानी छोड़ने का समय) का प्लान साझा किया जाएगा ताकि किसान अपनी सिंचाई की योजना पहले से बना सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार या घटिया सामग्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी और वे स्वयं धरातल पर कार्यों का निरीक्षण करेंगे।
