उत्तराखंड भूस्खलन में फंसे राजस्थान के 210 यात्री

उत्तराखंड भूस्खलन में फंसे राजस्थान के 210 यात्री
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quicjZaps 15 sept 2025

सवाई माधोपुर, 9 अगस्त। उत्तराखंड के चमोली जिले में हाल ही में हुए भीषण भूस्खलन ने चारधाम यात्रा पर निकले सैकड़ों श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जानकारी के अनुसार, सवाई माधोपुर से केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन के लिए रवाना हुए करीब 210 यात्री पिछले तीन दिनों से बद्रीनाथ-केदारनाथ हाईवे पर फंसे हुए हैं। पहाड़ खिसकने और लैंडस्लाइड के कारण मुख्य मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है, जिससे यात्री वहीं रुकने को मजबूर हैं।
राजस्थान के मंत्री ने संभाला मोर्चा
आपदा की खबर मिलते ही राजस्थान के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फंसे हुए यात्रियों से फोन पर बात की। उन्होंने सभी को धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि जल्द ही उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने मौके पर तैनात आईटीबीपी के कमांडेंट धर्मेंद्र से भी बातचीत कर राहत कार्यों में तेजी लाने और सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

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यात्री सुरक्षित, राहत कार्य जारी
सूत्रों के मुताबिक, ये सभी 210 यात्री सात बसों में सवार होकर सवाई माधोपुर से यात्रा पर निकले थे। फिलहाल, सभी यात्री सुरक्षित हैं और स्थानीय प्रशासन तथा सुरक्षा बल उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रख रहे हैं। हालांकि, लगातार खराब मौसम और मार्ग पर भारी मलबा जमा होने के कारण स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है।

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बद्रीनाथ हाईवे का वीडियो वायरल
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें बद्रीनाथ और राष्ट्रीय राजमार्ग के पास का मार्ग पूरी तरह बाधित दिख रहा है। वीडियो में पहाड़ से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा गिरते हुए दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आने से सड़क पर हजारों टन मलबा जमा हो गया है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप है।

स्थानीय प्रशासन, आईटीबीपी और राज्य आपदा प्रबंधन टीम लगातार मार्ग को खोलने के प्रयास में जुटी हुई है। मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है, लेकिन प्रतिकूल मौसम राहत कार्यों को धीमा कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि जैसे ही रास्ता साफ होगा, फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचा दिया जाएगा।

इस घटना ने एक बार फिर चारधाम यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को प्रमुखता से सामने ला दिया है। यात्रियों के परिजन लगातार संपर्क में हैं और सभी की सुरक्षित वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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