9वां स्व. रामरतन कोचर साहित्यकार पुरस्कार से यूपी के प्रसिद्ध विद्वान आचार्य देवेन्द्र कुमार देव को किया जाएगा सम्मानित

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quicjZaps 15 sept 2025

बीकानेर, 08 जनवरी। स्वतंत्रता सेनानी स्व. रामरतन कोचर की स्मृति में प्रतिवर्ष दिए जाने वाले प्रतिष्ठित साहित्य एवं पत्रकारिता पुरस्कार की घोषणा कर दी गई है। इस वर्ष के 29वें पुरस्कार के लिए उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी प्रख्यात साहित्यकार आचार्य देवेन्द्र कुमार देव का चयन किया गया है। यह निर्णय हाल ही में आयोजित स्व. रामरतन कोचर स्मृति पुरस्कार समिति की उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया।

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23 महाकाव्यों के रचयिता और वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर
आचार्य देवेन्द्र कुमार देव का साहित्य जगत में एक विशाल व्यक्तित्व है। वे हिंदी विश्व को सर्वाधिक महाकाव्य (कुल 23) प्रदान करने वाले रचनाकार के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं।

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बहुमुखी प्रतिभा: आचार्य देव छन्द, गीत, गजल, बाल कविता, व्यंग्य, संस्मरण और समीक्षा जैसी विधाओं में सिद्धहस्त हैं। साथ ही, संस्कृत भाषा में भी उनकी गीत और गजल रचनाएं चर्चित रही हैं।

प्रमुख कृतियां: उनकी उल्लेखनीय रचनाओं में ‘वन्दे भारतम्’, ‘स्वातंत्र्य वीर शतक’, ‘बांग्ला-त्राण’, ‘युवमन्यू’ और ‘कैप्टन बाना सिंह’ जैसी कृतियां शामिल हैं। उन्होंने आकाशवाणी और विभिन्न चैनलों के माध्यम से भी साहित्य का प्रचार-प्रसार किया है।

पुरस्कार का स्वरूप और गरिमा
समिति के सचिव डॉ. धर्मचन्द जैन और सदस्य संतोष जैन ने बताया कि इस सम्मान के तहत आचार्य देवेन्द्र कुमार देव को निम्नलिखित भेंट अर्पित की जाएगी:

नकद राशि: 21,000 रुपये।, सम्मान प्रतीक: श्रीफल, शॉल, साफा और विशेष प्रशस्ति पत्र।

बैठक में समिति के जानकीनारायण श्रीमाली, डॉ. सरोज कोचर और विजय कुमार कोचर उपस्थित रहे, जिन्होंने आचार्य देव के चयन पर हर्ष व्यक्त किया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली है पहचान
आचार्य देव को पूर्व में भी अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है। उन्हें अमेरिकी संस्था ABI द्वारा ‘इंटरनेशनल डिस्टिंग्विश्ड लीडरशिप अवार्ड’ प्रदान किया गया है। इसके अलावा उन्हें पानीपत साहित्य अकादमी से ‘आचार्य’ की मानद उपाधि और ‘उद्घोष शिखर सम्मान’ जैसे प्रतिष्ठित अलंकरण प्राप्त हो चुके हैं।

बीकानेर की यह गौरवशाली पुरस्कार परंपरा न केवल स्वतंत्रता सेनानी स्व. रामरतन कोचर के मूल्यों को जीवित रखती है, बल्कि देशभर के उत्कृष्ट साहित्यकारों को एक मंच प्रदान करती है।

भीखाराम चान्दमल 15 अक्टूबर 2025
mmtc 2 oct 2025

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