बीकानेर अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव 2026, हेरिटेज वॉक और ‘रेत के समंदर’ में दिखेगी राजस्थानी संस्कृति की भव्यता

बीकानेर अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव 2026
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बीकानेर, 7 जनवरी। मरुधरा की कला और संस्कृति का वैश्विक प्रतीक ‘अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव’ आगामी 9 से 11 जनवरी तक बीकानेर की धरा पर अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार है। पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक श्री अनिल राठौड़ ने बताया कि इस त्रि-दिवसीय उत्सव का आगाज शुक्रवार, 9 जनवरी को सुबह 08 बजे ऐतिहासिक ‘हेरिटेज वॉक’ से होगा। यह पैदल यात्रा लक्ष्मीनाथ जी मंदिर से शुरू होकर पुराने शहर के सकड़े रास्तों, मोहता चौक और असानिया चौक से गुजरते हुए भव्य रामपुरिया हवेली पर संपन्न होगी, जहाँ विदेशी सैलानियों का राजस्थानी परंपरा से स्वागत किया जाएगा।

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उत्सव के पहले दिन बीकानेर की स्वाद परंपरा को वैश्विक मंच देने के लिए जिला उद्योग संघ में ‘ट्रेडीशनल बीकानेरी फूड फेस्टिवल’ का आयोजन होगा। वहीं, धरणीधर ग्राउंड में बीकानेर की प्रतिभाओं के लिए ‘मिस्टर बीकाणा’ और ‘मिस मरवण’ जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं के साथ ‘वॉयस ऑफ बीकानेर’ का सुरमई मुकाबला होगा। डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में राजस्थान राज्य अभिलेखागार द्वारा ‘ऊंटां रो इतिहास’ प्रदर्शनी के जरिए ऊंटों के गौरवशाली अतीत को चित्रों और दस्तावेजों के माध्यम से जीवंत किया जाएगा।

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बर्ड फेस्टिवल और पैरामोटरिंग: इस बार उत्सव में नया रोमांच

इस वर्ष ऊंट उत्सव में प्रकृति प्रेमियों और साहसिक खेलों के शौकीनों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। 10 जनवरी को जोड़बीड़ स्थित लव कुश वाटिका में ‘बर्ड फेस्टिवल’ का आयोजन होगा। डीएफओ श्री संदीप छंगाणी के अनुसार, जोड़बीड़ में इस समय हजारों विदेशी पक्षियों और गिद्धों की दुर्लभ प्रजातियों ने डेरा डाला हुआ है, जिन्हें पर्यटक नेचर वॉक के जरिए देख सकेंगे। साथ ही, पहली बार कर्नल वी.एस.राठौड़ के सहयोग से सादुल क्लब ग्राउंड और रायसर के धोरों पर पैरामोटरिंग का आयोजन किया जा रहा है, जिससे सैलानी आसमान से बीकानेर का ‘एरियल व्यू’ देख सकेंगे।

रेत के धोरों पर खेलों का ‘दम-खम’ और सुरों की शाम

उत्सव का भव्य समापन 11 जनवरी को रायसर के रेतीले धोरों पर होगा। यहाँ ‘दम-खम ग्रामीण खेल’ के तहत रस्साकशी, मटका दौड़ और देशी-विदेशी पर्यटकों के बीच दौड़ की रोचक प्रतियोगिताएं होंगी। आकर्षण का केंद्र पुष्कर के अजय रावत की सैंड आर्ट प्रदर्शनी और धोरों पर होने वाली ‘विदेशी जोड़े की शादी’ होगी। शाम को ‘रंगीलो राजस्थान’ कार्यक्रम के तहत देश के विभिन्न राज्यों (हिमाचल, बंगाल, पंजाब, महाराष्ट्र आदि) के लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। उत्सव का समापन जसनाथी संप्रदाय के कलाकारों द्वारा किए जाने वाले विस्मयकारी ‘अग्नि नृत्य’ के साथ होगा।

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