क़ासिम बीकानेरी अदबी उड़ान राष्ट्रीय पुरस्कार से उदयपुर में पुरस्कृत हुए

क़ासिम बीकानेरी अदबी उड़ान राष्ट्रीय पुरस्कार से उदयपुर में पुरस्कृत हुए
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quicjZaps 15 sept 2025
surender bothra

बीकानेर, 17 अक्टूबर। बीकानेर के उर्दू, हिंदी एवं राजस्थानी भाषा के होनहार वरिष्ठ शायर, कहानीकार एवं अनुवादक क़ासिम बीकानेरी को उनके बाल कहानी संग्रह छपाक छई के लिए अदबी उड़ान राष्ट्रीय बाल साहित्य पुरस्कार से उदयपुर के प्रसार शिक्षा निदेशालय सेमिनार हॉल,आर.सी.ए. केंपस में हुए राष्ट्रीय समारोह में पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार एवं सम्मान के क्रम में कार्यक्रम के अतिथियों द्वारा क़ासिम बीकानेरी को मेवाड़ी साफा, शॉल, उपरना, माल्यार्पण एवं नगद राशि भेंट करके पुरस्कृत किया गया।
राजेश रंगा ने बताया कि समारोह के मुख्य अतिथि असम के राज्यपाल महामहिम गुलाबचंद कटारिया थे। समारोह की अध्यक्षता उदयपुर के वरिष्ठ समाजसेवी रॉयल ग्रुप ऑफ़ कंपनीज उदयपुर के डायरेक्टर शेख़ शब्बीर के. मुस्तफ़ा ने की। विशिष्ट अतिथि के तौर पर जोधपुर की वरिष्ठ लेखिका डॉ. पदमजा शर्मा ने शिरकत की। स्वागत उद्बोधन अदबी उड़ान संस्था के संस्थापक राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त उदयपुर के वरिष्ठ साहित्यकार एवं अदबी उड़ान साहित्यिक पत्रिका के संपादक ख़ुर्शीद शेख़ ख़ुर्शीद ने दिया। इस अवसर पर क़ासिम बीकानेरी ने मुख्य समारोह में अपनी देशभक्ति ग़ज़ल सुना कर सामइन से भरपूर वाहवाही लूटी। आप की ग़ज़ल के क़ौमी एकता पर आधारित शे’र-‘हमें काशी से उल्फ़त है हमें का’बे से निस्बत है/ सभी पर है निछावर ये हमारी जान लिख देना’ को उपस्थित अतिथियों एवं श्रोताओं ने भरपूर पसंद किया। सम्मान समारोह का सरस संचालन युवा कवयित्री अमृता बोकाड़िया ने किया।
युवा कवि गिरिराज पारीक ने बताया कि कार्यक्रम के दूसरे सत्र में अखिल भारतीय काव्य गोष्ठी आयोजित की गई जिसमें देश भर के अनेक रचनाकारों ने अपनी काव्य रचनाओं से समां बांध दिया। क़ासिम बीकानेरी ने आज के हालात पर केंद्रित अपने गीत-‘जब सुलग रहा हो देश मेरा मैं कैसे प्रेम के गीत लिखूं/यह देखके मन मेरा घायल है काग़ज़ पर कैसे प्रीत लिखूं’ की इन पंक्तियों के ज़रिए ख़ूब तालियां बटोरी। अखिल भारतीय काव्य गोष्ठी का संचालन सोजत के वरिष्ठ साहित्यकार अब्दुल समद राही ने किया। उदयपुर के वरिष्ठ साहित्यकार रामदयाल मेहरा ने सभी आगंतुकों का आभार ज्ञापित किया।
संस्कृति कर्मी कवि संजय सांखला ने बताया कि क़ासिम बीकानेरी साहित्य की लगभग सभी विधाओं में पिछले ढाई दशकों से सृजनरत हैं।आपकी साहित्यिक साधना बेमिसाल है और उनकी साहित्यिक सेवाओं के लिए उन्हें नगर एवं देश की अनेक सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं से सैकड़ों बार सम्मानित एवं पुरस्कृत प्राप्त हो चुके हैं।
क़ासिम बीकानेरी को अदबी उड़ान राष्ट्रीय बाल साहित्य पुरस्कार मिलने ने पर नगर के अनेक साहित्यकारों ने उन्हें अपनी शुभकामनाएं दी हैं। जिनमें नागरी भंडार के व्यवस्थापक नंदकिशोर सोलंकी, वरिष्ठ कवि कथाकार कमल रंगा, वरिष्ठ शायर ज़ाकिर अदीब, संस्कृतिकर्मी संजय सांखला, शिक्षाविद राजेश रंगा, हरि नारायण आचार्य, शाइर बुनियाद ज़हीन, युवा कवि पुनीत कुमार रंगा,शाइर वली मोहम्मद ग़ौरी, गंगाविशन बिश्नोई, डॉ. मोहम्मद फ़ारूक़ चौहान, एड. इसरार हसन क़ादरी, मुनीन्द्र प्रकाश अग्निहोत्री, माजिद ख़ान ग़ौरी, इस्हाक़ ग़ौरी शफ़क़, नौजवान शाइर मोइनुद्दीन मुईन, सरदार अली पड़िहार, किशन नाथ खरपतवार, नेमचंद गहलोत आदि ने शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

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