बीकानेर- मतदाता केंद्रों का पुनर्गठन और मुख्यमंत्री घुमंतु आवास योजना पर महत्वपूर्ण बैठकें
बीकानेर- मतदाता केंद्रों का पुनर्गठन और मुख्यमंत्री घुमंतु आवास योजना पर महत्वपूर्ण बैठकें


बीकानेर, 7 अगस्त। बीकानेर में आगामी मतदाता सूची पुनरीक्षण और मुख्यमंत्री घुमंतू आवास योजना को लेकर सरकारी स्तर पर महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। इन बैठकों में चुनाव प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जरूरतमंद परिवारों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
मतदान केंद्रों का पुनर्गठन और सुव्यवस्थीकरण
6 अगस्त को जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती नम्रता वृष्णि की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। इसमें बताया गया कि 1 जनवरी 2026 की अहर्ता तिथि के संदर्भ में मतदाता सूचियों के आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले मतदान केंद्रों का सुव्यवस्थीकरण और पुनर्गठन किया जाएगा।


बढ़ेगी संख्या: वर्तमान में जिले में 1638 मतदान केंद्र हैं, जो पुनर्गठन के बाद बढ़कर 1950 हो जाएंगे। 1200 से अधिक मतदाताओं वाले केंद्रों का समायोजन समीपस्थ केंद्रों पर किया जाएगा, और तभी नए केंद्र बनेंगे जब कोई अन्य विकल्प न हो।


उद्देश्य: यह सुनिश्चित करना कि कोई भी मतदाता छूटे नहीं, एक परिवार के सभी मतदाता एक ही अनुभाग में रहें, और किसी भी मतदाता को 2 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय न करनी पड़े।
बूथ लेवल एजेंट: उप जिला निर्वाचन अधिकारी रामावतार कुमावत ने तुरंत बूथ लेवल एजेंट द्वितीय की नियुक्ति करवाने के निर्देश दिए।
7 अगस्त को संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने संभाग स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशों के अनुसार गतिविधियों को समयबद्ध, सुचारु व प्रभावी ढंग से करने, बूथ लेवल अधिकारियों को प्रशिक्षण देने, और मतदाता सूचियों की शुद्धता व पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डोर-टू-डोर सर्वे करवाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री घुमंतू आवास योजना 2024
7 अगस्त को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एलडी पवार ने बताया कि राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत मुख्यमंत्री घुमंतू आवास योजना शुरू की गई है। इसका उद्देश्य राज्य के विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू समुदाय के आवासहीन परिवारों को पक्का मकान बनाने के लिए अनुदान सहायता देना है।
आवेदन: ई-मित्र कियोस्क या स्वयं की एसएसओ आईडी से जन आधार के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
अनुदान राशि: योजना के तहत प्रति आवेदक को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये तीन किश्तों में मिलेंगे। इसमें स्वच्छ शौचालय के लिए 12 हजार रुपये और मनरेगा के तहत 90 दिन की श्रमिक मानदेय (लगभग 23,940 रुपये) भी शामिल होगा।
पात्रता: आवेदक राजस्थान का मूल निवासी हो, संबंधित समुदाय की सूची में शामिल हो, जाति पहचान पत्र हो, स्वयं का पक्का मकान न हो, पूर्व में किसी अन्य आवास योजना का लाभ न लिया हो, भूमि का पट्टा हो, न्यूनतम आयु 18 वर्ष हो और परिवार की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से अधिक न हो। ये पहलें बीकानेर जिले में चुनावी प्रक्रिया को सुदृढ़ करने और वंचित समुदायों के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
