बीकानेर का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर 6 साल बाद अहमदाबाद से गिरफ्तार, 25 हजार का था इनामी

बीकानेर का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर 6 साल बाद अहमदाबाद से गिरफ्तार, 25 हजार का था इनामी
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बीकानेर, 14 अक्टूबर। बीकानेर का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर उत्तम गिरी, जो पिछले छह साल से फरार था, आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसने अहमदाबाद में नाम बदलकर मनोज के रूप में नई जिंदगी शुरू की थी, लेकिन बीकानेर पुलिस की सतर्कता और साइबर निगरानी के चलते वह पकड़ा गया। इस हिस्ट्रीशीटर पर 25 हजार रुपये का नगद इनाम घोषित था, और उस पर विभिन्न थानों में नौ स्थाई वारंट, स्टैंडिंग वारंट और न्यायालय वारंट जारी थे।

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फरारी की शुरुआत और हिस्ट्रीशीट

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उत्तम गिरी की हिस्ट्रीशीट साल 2019 में बीकानेर के पांचू थाने में खोली गई थी। नियमों के अनुसार, उसे नियमित रूप से थाने में हाजिरी देनी थी, लेकिन वह हाजिरी देने में नाकाम रहा और फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश में कई प्रयास किए, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। 2020 के बाद पुलिस के प्रयास कमजोर पड़ने पर उत्तम गिरी ने अहमदाबाद में शरण ली। वहां उसने अपना नाम बदलकर मनोज कर लिया और फर्जी दस्तावेजों के साथ नई पहचान बना ली।

पुलिस की सतर्कता और इनाम

उत्तम गिरी की फरारी के बाद बीकानेर पुलिस ने उसकी तलाश तेज की। जब वह लंबे समय तक नहीं मिला, तो पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। पुलिस ने उसके संपर्क नंबरों पर निगरानी रखी और साइबर तकनीक का सहारा लिया। कई महीनों की मेहनत के बाद पुलिस को सूचना मिली कि उत्तम गिरी अहमदाबाद में नाम बदलकर रह रहा है। इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने अपनी रणनीति बनाई और उसे पकड़ने की योजना तैयार की।

गिरफ्तारी में विशेष भूमिका

उत्तम गिरी की गिरफ्तारी के लिए बीकानेर पुलिस की एक विशेष टीम ने अहम भूमिका निभाई। नोखा थानाधिकारी अरविंद भारद्वाज, कोटगेट थानाधिकारी विश्वजीत सिंह और साइबर एक्सपर्ट एएसआई दीपक यादव ने मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। पुलिस ने अहमदाबाद में उत्तम गिरी के नए पते का पता लगाया और सटीक दबिश देकर उसे धर दबोचा। इस ऑपरेशन में साइबर निगरानी और तकनीकी सहायता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पुराने मामलों की जांच के लिए रिमांड की तैयारी

गिरफ्तारी के बाद उत्तम गिरी को बीकानेर लाया गया है। पुलिस अब उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि उसके खिलाफ दर्ज पुराने आपराधिक मामलों की गहन जांच की जा सके। विभिन्न थानों में उसके खिलाफ दर्ज नौ वारंटों के आधार पर पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि उसने फरारी के दौरान और क्या गतिविधियां कीं।

पुलिस की सक्रियता का परिणाम

बीकानेर पुलिस की इस सफलता को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। फरार हिस्ट्रीशीटरों को पकड़ने के लिए पुलिस की यह सक्रियता न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि अन्य राज्यों में भी अपराधियों के लिए एक चेतावनी है। उत्तम गिरी की गिरफ्तारी से यह साफ है कि पुलिस की नजर से कोई भी अपराधी ज्यादा दिन तक नहीं बच सकता।

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