जूनोटिक रोगों पर गहन कार्यशाला में बच्चों की बेहतर चिकित्सा के लिए ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण पर जोर

जूनोटिक रोगों पर गहन कार्यशाला में बच्चों की बेहतर चिकित्सा के लिए 'वन हेल्थ' दृष्टिकोण पर जोर
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बीकानेर, 23 नवंबर । सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर के शिशु एवं बाल रोग विभाग, बीकानेर पीडियाट्रिक्स सोसायटी और भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में आज आचार्य तुलसी कैंसर रिसर्च एवं अनुसंधान केन्द्र में बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों की एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुई। इस कार्यशाला का विषय “वन हैल्थ: जूनोटिक रोग, कारण, प्रभाव व नियंत्रण” था, जिसमें बीकानेर के निजी एवं सरकारी अस्पतालों के 75 से अधिक बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों ने गहन चर्चा की।
वरिष्ठ चिकित्सकों का मार्गदर्शन
कार्यशाला में उदयपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. देवेन्द्र सरीन की चिकित्सा एवं संगठन में दीर्घकालीन सेवाओं के लिए उनका विशेष अभिनंदन किया गया। डॉ. सरीन के साथ जयपुर के डॉ. विष्णु पंशारी, भीलवाड़ा के डॉ. अतुल हेड़ा और डॉ. कुलदीप सिंह राजपूत ने स्लाइड शो के माध्यम से शोधपूर्ण एवं आधुनिक चिकित्सा की जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित चिकित्सकों के प्रस्तुत विषयों पर भ्रांतियों को दूर किया और बच्चों की बेहतर चिकित्सा करने का सुझाव दिया।

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प्रमुख जूनोटिक रोगों पर चर्चा
डॉ. देवेन्द्र सरीन (उदयपुर): उन्होंने ब्रुसेलोसिस (मवेशियों से होने वाली बीमारी) के बच्चों में होने के कारण और उपचार पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने चिकित्सकों को बच्चे की पारिवारिक रहन-सहन और क्षेत्र के वातावरण को ध्यान में रखकर इलाज करने की सलाह दी।

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डॉ. विष्णु पंशारी (जयपुर): उन्होंने कुत्तों और अन्य पालतू जानवरों के काटने से होने वाले रेबीज रोग पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में सालाना करीब 11,000 लोग कुत्तों के काटने के शिकार होते हैं। उन्होंने रेबीज की कॉकटेल मोनोक्लोनोल वैक्सीन और फ्लू की ट्राईवेलेन्ट वैक्सीन की उपयोगिता बताई, साथ ही जिला प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या पर संयुक्त कार्रवाई की मांग की।

डॉ. कुलदीप सिंह राजपूत (भीलवाड़ा): उन्होंने टाइफाइड से बचाव को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए टीकाकरण और धुले फल-सब्जी के उपयोग पर जोर दिया।

डॉ. अतुल हेड़ा (भीलवाड़ा): उन्होंने मम्स (संलेश) बीमारी को रोकने के लिए सरकारी टीकाकरण में MR वैक्सीन की जगह तीन बीमारियों को नियंत्रित करने वाले MMR टीका को बच्चों को लगाए जाने की आवश्यकता बताई।

सम्मान और समापन
कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में बीकानेर पीडियाट्रिक्स सोसायटी की अध्यक्ष श्रीमती रेणु अग्रवाल और सचिव डॉ. जी.एस. तंवर, कार्यशाला समन्वयक अनुभव चौधरी, डॉ. पी.सी. खत्री, डॉ. पी.के. बेरवाल, डॉ. महेश शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों ने अतिथि वक्ताओं का अभिनंदन किया। राजस्थान के वयोवृद्ध चिकित्सक डॉ. देवेन्द्र सरीन को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर विशेष सम्मान किया गया।

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