कुंतासर गांव में प्रेरणादायी नेत्रदान तीजादेवी सहू ने मरणोपरांत दी रोशनी की अमूल्य भेंट


बीकानेर, 29 नवंबर । बीकानेर के कुंतासर गांव की प्रतिष्ठित महिला तीजादेवी सहू धर्मपत्नी सावंताराम सहू ने मरणोपरांत नेत्रदान करके मानवता और दान की एक अद्भुत मिसाल कायम की है। गाँव के इतिहास में यह घटना एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी क्षण बनकर उभरी है।
परिवार ने दी अमूल्य स्वीकृति
तीजादेवी सहू के नेत्रदान की स्वीकृति उनके पुत्र पुरखाराम सहू एवं उनकी धर्मपत्नी किशनीदेवी द्वारा दी गई। इस महान कार्य में उनके पौत्र जगदीश, मुखराम, अमरचन्द, जयकरण सहू तथा पड़पौत्र दीपांशु, तेजस्व, नितिन, गगन, ध्रुव, मानव भी श्रद्धा और भावुकता के साथ उपस्थित रहे, जिससे यह दान और अधिक भावनात्मक बन गया।



नेत्रदान संग्रहण और सहयोग
नेत्रदान संग्रहण का कार्य सरदारशहर स्थित प्राणनाथ हॉस्पिटल की प्रशिक्षित टीम से भंवरलाल जी प्रजापत और दिनेश जी शर्मा द्वारा अत्यंत संवेदनशीलता और दक्षता के साथ पूर्ण किया गया।



इस पुण्य कार्य को संपन्न कराने में डॉ. अंकित स्वामी व मुखराम सहू की प्रेरणा तथा तेरापंथ युवक परिषद् श्रीडूंगरगढ़ के संयोजक अशोक झाबक, अध्यक्ष विक्रम मालू, और उपाध्यक्ष चमन श्रीमाल की तत्काल सक्रियता और समर्पण ने अतुलनीय भूमिका निभाई। गाँव के गणमान्य लोग जैसे मालाराम, आशाराम, मेघाराम, मोहनराम, सुगनाराम, किशनाराम, आदुराम, मुनीराम, रावताराम, आदि इस महान कार्य के साक्षी बने।
पूरे गाँव ने इस कार्य को मानवता की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि तीजादेवी सहू का नेत्रदान दो जिंदगियों में नई रोशनी भरेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।








