बीकानेर में तीन दिवसीय “ऊंट उत्सव”: 9 से 11 जनवरी तक होगा भव्य आयोजन


बीकानेर, 29 नवंबर । बीकानेर का प्रसिद्ध ऊंट उत्सव (Camel Festival) इस बार 9 जनवरी से 11 जनवरी 2026 तक तीन दिनों के लिए आयोजित किया जाएगा। इस उत्सव की शुरुआत हर साल की तरह हेरिटेज वॉक से होगी, और इसका समापन रायसर के सुनहरे धोरों में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ होगा।
पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल राठौड़ ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि उत्सव से पहले 2 जनवरी को जिला मुख्यालय के लोगों को आमंत्रित करने के लिए सुबह 8:30 बजे लक्ष्मीनाथ जी मंदिर से पीले चावल बांटने का कार्य शुरू किया जाएगा।



09 जनवरी: विरासत की सैर और कला प्रदर्शन
उत्सव के पहले दिन 9 जनवरी को तीन मुख्य कार्यक्रम होंगे:
हमारी विरासत (हेरिटेज वॉक): सुबह 08 से 10 बजे तक लक्ष्मीनाथ जी मंदिर से रामपुरिया हवेली तक हेरिटेज वॉक का आयोजन किया जाएगा। यह वॉक बड़ा बाजार, मोहता चौक, हनुमानगढ़ मंदिर और असानिया चौक होते हुए रामपुरिया हवेली पहुंचेगी।



राजस्थान के रंग-बीकाणा के संग (कला प्रदर्शनी): सुबह 11 से शाम 05 बजे तक राजस्थान राज्य अभिलेखागार में कला प्रदर्शनी लगेगी। इसमें राज्य की लुप्त होती विभिन्न कलाएं जैसे पिछवई, उस्ता और मथेरण को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए 7 दिन की एक वर्कशॉप भी आयोजित होगी।
बीकाणा की आवाज (वॉइस ऑफ बीकानेर): शाम 06 से रात 09 बजे तक रवीन्द्र रंगमंच के ओपन एयर थिएटर में यह कार्यक्रम आयोजित होगा।
10 जनवरी: ऊंटों का मेला और मिस्टर मरवण शो
दूसरा दिन 10 जनवरी को तीन बड़े आकर्षणों का केंद्र होगा:
ऊंटां रो मेलो: राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र में सुबह 09 से दोपहर 2:30 बजे तक ऊंट नृत्य, ऊंट फर कटिंग, ऊंट साज-सज्जा, ऊंट दौड़ और घुड़दौड़ आयोजित की जाएगी।
बीकाणा की शान (पहली बार धरणीधर स्टेडियम में): दोपहर 03 बजे से शाम 07 बजे तक पहली बार धरणीधर स्टेडियम में राजस्थानी पारंपरिक वेशभूषा के साथ मिस्टर बीकाणा, मिस मरवण शो और ढोला मारू शो का भव्य आयोजन होगा।
स्वरम (सांस्कृतिक संध्या): शाम 07 बजे से रात 10 बजे तक डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा, जिसमें राजस्थानी कलाकारों द्वारा लोक नृत्य और लोक संगीत की प्रस्तुति दी जाएगी। राज्य अभिलेखागार द्वारा पहली बार ऊंट के इतिहास पर प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
11 जनवरी: रायसर के धोरों में समापन
उत्सव का समापन 11 जनवरी को रायसर के धोरों में होगा, जिसमें तीन कार्यक्रम शामिल हैं:
दम-खम (ग्रामीण खेल): सुबह 09 से दोपहर 01 बजे तक ग्रामीण खेल जैसे रस्साकशी, कुश्ती, कबड्डी, विदेशियों द्वारा पगड़ी बांधना, महिला मटका दौड़, और देशी-विदेशी पर्यटकों के बीच धोरों पर दौड़ का आयोजन होगा।
उड़ान (प्रदर्शनी और सफारी): दोपहर 1:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक सेंड आर्ट प्रदर्शनी, हैंडीक्राफ्ट व फूड बाजार, भारतीय परंपरानुसार विदेशी जोड़े की शादी, कैमल सफारी और घुड़दौड़ का आयोजन किया जाएगा।
कला संगम (सांस्कृतिक समापन): शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक रायसर में ही सांस्कृतिक संध्या, अग्नि नृत्य, और सेलिब्रेटी नाइट कार्यक्रम के साथ ऊंट उत्सव का भव्य समापन होगा।








