साहित्य के ‘शिखर पुरुष’ का अभिनंदन


- डॉ. मदन केवलिया के 91वें जन्मदिवस पर समाधान संस्थान ने किया सम्मान
बीकानेर, 1 जनवरी। शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले वरिष्ठ साहित्यकार एवं प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. मदन केवलिया के 91वें जन्मदिवस के अवसर पर गुरुवार को एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समाधान संस्थान की ओर से डॉ. केवलिया के निवास स्थान पर आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में उन्हें श्रीफल, साफा, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके दीर्घायु जीवन की कामना की गई।


सम्मान से अभिभूत डॉ. मदन केवलिया ने अपने संबोधन में गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक सच्चे शिक्षक का उत्तरदायित्व है कि वह अपने शिष्यों को न केवल ज्ञान दे, बल्कि उन्हें प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर रहने के लिए उचित मार्गदर्शन भी प्रदान करे। नए साल के आगमन पर उन्होंने सभी से लक्ष्य प्राप्ति के लिए पूरी गंभीरता के साथ प्रयास करने का आह्वान किया।


नौ भाषाओं के ज्ञाता और साहित्य के समर्पित साधक
कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट अतिथियों ने डॉ. केवलिया के बहुआयामी व्यक्तित्व की चर्चा की। डूंगर कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर डॉ. एजाज अहमद कादरी ने उन्हें एक आदर्श शिक्षक और प्रेरणापुंज बताया। वहीं, पूर्व व्याख्याता कमलनारायण पुरोहित और एनआईसी के पूर्व अधिकारी सुशील शर्मा ने डॉ. केवलिया की विद्वत्ता का उल्लेख करते हुए बताया कि वे नौ भाषाओं के गहन जानकार हैं, जो उनकी अद्भुत बौद्धिक क्षमता का परिचायक है। बीकानेर पापड़-भुजिया उद्योग संस्थान के अध्यक्ष वेदप्रकाश अग्रवाल ने उनके जीवन को साहित्य और शिक्षण के प्रति पूर्णतः समर्पित बताया।
समाधान संस्थान के अध्यक्ष डॉ. मिर्जा हैदर बेग ने डॉ. केवलिया द्वारा रचित हिंदी और राजस्थानी साहित्य की विभिन्न पुस्तकों की विस्तृत जानकारी साझा की, जो क्षेत्र की साहित्यिक विरासत को समृद्ध करती हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. बेग ने किया और कथाकार शरद केवलिया ने सभी आगंतुकों का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद् और परिजन उपस्थित रहे, जिन्होंने डॉ. केवलिया को शुभकामनाएं प्रेषित कीं।








