बीकानेर में सेना का शौर्य देख रोमांचित हुईं बेटियां


- कलेक्टर ने की टैंक राइड, ‘नो योर आर्मी’ में दिखी आत्मनिर्भर भारत की ताकत
बीकानेर, 13 जनवरी। थल सेना दिवस (आर्मी डे) के उपलक्ष्य में मंगलवार को बीकानेर मिलिट्री स्टेशन में आयोजित ‘नो योर आर्मी’ कार्यक्रम ने मरूधरा के युवाओं में देशभक्ति का नया जज्बा भर दिया। रणबांकुरा डिवीजन द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में बीकानेर के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने भारतीय सेना के अदम्य साहस, आधुनिक हथियारों और अनुशासित जीवन को करीब से देखा। इस बार के आयोजन की सबसे खास बात बालिकाओं की रिकॉर्ड भागीदारी और उन्हें रक्षा क्षेत्र से जोड़ने की विशेष पहल रही।


मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री प्रदर्शनी


स्वदेशी तकनीक का दिखा दम मिलिट्री स्टेशन में आयोजित प्रदर्शनी में भारतीय सेना की मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री की आधुनिक ताकत का प्रदर्शन किया गया। छात्रों ने BMP इन्फेंट्री कॉम्बैट व्हीकल, T-90 और T-72 जैसे शक्तिशाली युद्धक टैंकों को न केवल देखा, बल्कि उनके तकनीकी पहलुओं को भी समझा। सैन्य अधिकारियों ने छात्रों को बताया कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत किस प्रकार अब स्वदेशी रक्षा उपकरणों से सेना को लैस किया जा रहा है। आधुनिक राइफल्स और आर्टिलरी सिस्टम की जानकारी पाकर युवा गौरवान्वित महसूस कर रहे थे।
कलेक्टर की टैंक राइड और बेटियों का जोश
कार्यक्रम का सबसे रोमांचक पल तब आया जब बीकानेर जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णी ने स्वयं टैंक पर सवार होकर टैंक राइड का आनंद लिया। कलेक्टर की इस पहल ने वहां मौजूद छात्राओं को साहस और आत्मविश्वास का बड़ा संदेश दिया। टैंकों की गड़गड़ाहट के बीच जब छात्रों ने राइड की, तो मिलिट्री स्टेशन ‘भारत माता की जय’ के नारों से गुंजायमान हो उठा। संवाद सत्रों में महिला सैन्य अधिकारियों ने छात्राओं को बताया कि आज सेना में महिलाएं केवल प्रशासनिक ही नहीं, बल्कि कॉम्बैट और कमांड पदों पर भी देश की सुरक्षा कर रही हैं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गाथा और मेडिकल कैंप
कार्यक्रम के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई, जिसमें बीकानेर डिवीजन के ऐतिहासिक योगदान और सेना के रणनीतिक कौशल को दर्शाया गया। इसे देखकर छात्रों में राष्ट्रवाद की भावना हिलोरे लेने लगी। वहीं, सैन्य जागरूकता के साथ-साथ मानव सेवा का संदेश देते हुए आर्मी मेडिकल कोर द्वारा स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया, जहां छात्रों की फिटनेस जांच की गई।
प्रशासन और सेना का साझा मंच
समारोह में जीओसी मेजर जनरल दीपक शिवरान, आवा अध्यक्ष श्रीमती वैशाली शिवरान, जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णी और महिला एवं बाल अधिकारिता विभाग की श्रीमती अनुराधा सक्सेना सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जीओसी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सेना और सिविल प्रशासन का यह समन्वय एक अनुशासित और जागरूक पीढ़ी तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम के समापन पर छात्रों ने इस अनुभव को जीवन का सबसे प्रेरणादायक पल बताया और कई बेटियों ने भविष्य में वर्दी पहनने का संकल्प लिया।








