शिक्षा के आंगन में ‘महा-संवाद’; कल जिले के 2,114 स्कूलों में सजेगा ‘मेगा पीटीएम’ और ‘निपुण मेला
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बीकानेर, 22 जनवरी। राजस्थान सरकार के ‘शिक्षा में बढ़ते कदम’ अभियान के तहत शुक्रवार, 23 जनवरी को बीकानेर जिले के शैक्षिक इतिहास में एक बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार जिले के सभी 2,114 राजकीय विद्यालयों में एक साथ ‘मेगा पीटीएम’ (अभिभावक-शिक्षक बैठक) और ‘निपुण मेला’ आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य अभिभावकों को स्कूल की गतिविधियों से सीधे जोड़ना और बच्चों की शैक्षणिक प्रगति साझा करना है।


जिला स्तरीय कार्यक्रमों की रूपरेखा
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी महेन्द्र शर्मा के अनुसार, जिले में दो मुख्य केंद्रों पर विशेष आयोजन होंगे।


विद्यालयी कार्यक्रम: राजकीय महारानी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में जिला स्तरीय स्कूल प्रोग्राम होगा।
समारोह केंद्र: सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DoIT) के सभागार में जिला स्तरीय मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा। जिला कलक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि ने गुरुवार को तैयारियों की समीक्षा की और निर्देश दिए कि राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार कार्यक्रम की गरिमा सुनिश्चित की जाए।
साइकिल वितरण और ‘कृष्ण भोग’ का आनंद
कल का दिन विद्यार्थियों के लिए सौगातों भरा होगा। कार्यक्रम के दौरान पात्र छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितरण किया जाएगा। साथ ही, परिवहन वाउचर योजना के लाभार्थियों को डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में राशि हस्तांतरित की जाएगी। दोपहर में विद्यार्थियों के लिए विशेष ‘कृष्ण भोग’ का आयोजन किया जाएगा, जो उत्सव के माहौल को और भी खास बनाएगा।
मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम का शेड्यूल:
- प्रातः 9:30 – 11:30 बजे: मेगा पीटीएम का आयोजन (कक्षावार शिक्षक-अभिभावक संवाद)।
- दोपहर 12:00 बजे: मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण।
- मध्यांतर: ‘कृष्ण भोग’ (भोजन) का वितरण।
- दोपहर 2:30 – सायं 4:00 बजे: निपुण मेला (बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान पर आधारित गतिविधियां)।
अभिभावकों का होगा विशेष अभिवादन
पीटीएम की शुरुआत ‘अभिभावक अभिवादन’ के साथ होगी। इस बैठक में विद्यालय के भविष्य के विजन, अकादमिक परिणामों (Academic Outcomes) और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर गहन चर्चा की जाएगी। शिक्षा विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे भारी संख्या में पहुंचकर अपने बच्चों के शैक्षणिक भविष्य की रूपरेखा तैयार करने में सहभागी बनें।
