बजट 2026, इनकम टैक्स स्लैब स्थिर, डिफेंस और हेल्थ सेक्टर पर मेहरबान हुईं निर्मला सीतारमण

बजट 2026, इनकम टैक्स स्लैब स्थिर, डिफेंस और हेल्थ सेक्टर पर मेहरबान हुईं निर्मला सीतारमण
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quicjZaps 15 sept 2025

नई दिल्ली, 1 फ़रवरी । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। लगभग 85 मिनट के अपने संबोधन में वित्त मंत्री ने मध्यम वर्ग को इनकम टैक्स स्लैब में कोई राहत नहीं दी, लेकिन रक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए बड़े ऐलानों की झड़ी लगा दी। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बदले वैश्विक हालातों के बीच रक्षा बजट में 15.2% की भारी बढ़ोतरी की गई है, जो अब बढ़कर ₹7.85 लाख करोड़ हो गया है।

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स्वास्थ्य क्षेत्र में कैंसर रोगियों के लिए बड़ी राहत देते हुए 17 प्रमुख दवाओं को सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) से मुक्त कर दिया गया है। साथ ही, देश में चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 3 ‘आयुर्वेदिक एम्स’ और 5 मेडिकल हब बनाने की घोषणा की गई है। रेलवे के क्षेत्र में सरकार ने कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने के लिए दिल्ली-वाराणसी और मुंबई-पुणे समेत 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की सौगात दी है। शिक्षा के क्षेत्र में भी नवाचार को बढ़ावा देने हेतु 15 हजार स्कूलों में ‘कंटेंट क्रिएटर लैब्स’ स्थापित की जाएंगी।

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टैक्स के मोर्चे पर राहत न मिलने के बावजूद, प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर दिया गया है। रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की समय सीमा 31 मार्च तक बढ़ा दी गई है और 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू करने की तैयारी है। महिलाओं के लिए ‘शी-मार्ट’ और छात्राओं के लिए हर जिले में हॉस्टल बनाने जैसे सामाजिक सुरक्षा के कदम भी बजट का हिस्सा रहे। सरकार ने राजकोषीय घाटे को 4.3% तक लाने का लक्ष्य रखा है, जो अर्थव्यवस्था की मजबूती की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

बजट की 8 सबसे बड़ी घोषणाएं…

i. इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं। रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए 3 महीने का ज्यादा समय दिया। यानी अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं।

ii. कैंसर की 17 दवाओं पर से आयात शुल्क हटाया। अभी 5% शुल्क लगता था। हीमोफीलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां भी ड्यूटी फ्री।

iii. डिफेंस बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़, यानी 15.2% की बढ़ोतरी। हथियार खरीदी और आधुनिकीकरण पर पिछले साल के ₹1.80 लाख करोड़ के मुकाबले इस साल ₹2.19 लाख करोड़ खर्च होंगे, यानी 22% की बढ़ोतरी।

iv. 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा। इनमें मुंबई -पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलिगुड़ी।

v. 3 आयुर्वेदिक AIIMS खोले जाने की घोषणा। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ाने के लिए 5 मेडिकल हब भी बनेंगे।

vi. 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए ₹12.2 लाख करोड़ खर्च करने का ऐलान।

vii. 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्‍स बनाई जाएंगी।

viii. करीब 800 जिलों में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनेंगे। हर जिले में एक हॉस्टल बनाया जाएगा।

अब बजट को सेक्टर वाइज समझिए

1. इनकम टैक्स: स्लैब में बदलाव नहीं, रिटर्न फाइलिंग के लिए 3 महीने एक्स्ट्रा
इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं। रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए 3 महीने का ज्यादा समय दिया। यानी अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं। न्यू इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। फॉर्म रीडिजाइन किए गए हैं, ताकि आम लोग उसे आसानी से भर सकें।

2. स्वास्थ्य: कैंसर की दवाओं से कस्टम ड्यूटी हटेगी, इलाज सस्ता होगा
कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी गई है। ये एडवांस कैंसर की इंपोर्ट होने वाली दवाएं हैं। अभी 5% कस्टम ड्यूटी लगती थी। हीमोफिलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां भी ड्यूटी फ्री कर दी गई हैं।

3. रक्षा बजट 15% बढ़ा: फोर्सेस के आधुनिकीकरण पर 22% ज्यादा खर्च होगा

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहले बजट में सीतारमण ने जियो-पॉलिटिक्स और चुनौतियों की बात कही और देश का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया। यानी कुल डिफेंस बजट में 15.2% की बढ़ोतरी हुई है।

डिफेंस बजट की खास बात यह है कि इसमें हथियार खरीदी और आधुनिकीकरण पर पिछले साल के ₹1.80 लाख करोड़ के मुकाबले इस साल ₹2.19 लाख करोड़ खर्च किए जाएंगे। यह पूंजीगत खर्च में सीधी 22% की बढ़ोतरी है।

विमान और एयरो इंजन डेवलपमेंट के लिए ₹64 हजार करोड़ और नौसेना बेड़े के लिए ₹25 हजार करोड़ रुपए दिए गए हैं। पेंशन के लिए ₹1.71 लाख करोड़ अलग रखे गए हैं।

4. आयुर्वेद: भारत को ग्लोबल बायो फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी
आयुर्वेदिक एम्स बनाने का ऐलान किया गया है। आयुर्वेदिक दवाइयों की टेस्टिंग के नेशनल लैब्स बनाई जाएंगी। भारत को ग्लोबल लेवल पर बायोफार्मा प्रोडक्ट के उत्पादन का हब बनाया जाएगा। अगले पांच साल में एक लाख स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल तैयार होंगे। इसके लिए ₹10,000 करोड़ के निवेश करने की बात कही गई है।

5. गर्ल्स एजुकेशन: करीब 800 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल, हर जिले में एक हॉस्टल
देश में 789 जिले हैं। हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने का ऐलान किया गया है। गर्ल स्टूडेंट्स के लिए STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा को विशेष प्राथमिकता देने की बात कही गई है।

6. महिलाएं: लखपति दीदी मॉडल पर रोजगार और आय बढ़ाने की स्कीम
लखपति दीदी की तर्ज पर महिला स्वयं सहायता समूह की उद्यमी महिलाओं के लिए SHE-मार्ट (शी-मार्ट) बनाए जाएंगे। इन दुकानों को महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के समुदाय ही चलाएंगे। यहां महिलाओं के बनाए खाद्य पदार्थ, हस्तशिल्प, कपड़े और स्थानीय उत्पाद सीधे बेचे जाएंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और महिलाओं को अपने कारोबार पर मालिकाना हक मिलेगा।

7. रेल-जलमार्ग और ग्रीन ट्रांसपोर्ट सेक्टर: 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे
शहरों के बीच 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। ये मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई, हैदराबाद-बेंगलुरु, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी के बीच बनेंगे। अगले 5 साल में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग बनेंगे। बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

8. ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा: बैटरी बनाने की मशीनों पर टैक्स छूट बढ़ी
सरकार ने लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाली मशीनों पर टैक्स छूट का दायरा बढ़ा दिया है। अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए इस्तेमाल होने वाले सामान पर भी ड्यूटी नहीं लगेगी। इससे इलेक्ट्रिक व्हीकल सस्ते होंगे। वहीं, सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले ‘सोडियम एंटीमोनेट’ पर भी ड्यूटी हटा दी गई है, जिससे देश में सोलर पैनल बनाना सस्ता होगा।

9. खनिज: रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाया जाएगा
केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में दुर्लभ खनिजों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इसमें आंध्र प्रदेश को भी जोड़ा जाएगा ताकि खनिज संपन्न राज्यों को फायदा मिले। रेयर अर्थ मटेरियल का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मोटर बनाने में इस्तेमाल किया जाता है।

10. खेती और पशु-मछली पालन: आय और रोजगार के मौके बढ़ाने पर फोकस
नारियल प्रोत्साहन योजना से करीब 3 करोड़ लोगों को जोड़ा जाएगा। मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए 500 तालाबों और अमृत सरोवरों का विकास किया जाएगा। पशुपालन के क्षेत्र में नए व्यवसायों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि ज्यादा लोगों के लिए नौकरी और रोजगार के अवसर बनें। राज्यों के साथ मिलकर भारतीय चंदन उद्योग तंत्र को फिर से स्थापित किया जाएगा। काजू-कोको को 2030 तक दुनिया में पहचान दिलाने का टारगेट है।

11. हैंडलूम कारीगरों की मदद: नेशनल फाइबर स्कीम, खादी को प्रोत्साहन
नेशनल हैंडलूम पॉलिसी से कारीगरों को प्रोत्साहन और मदद देने की तैयारी है। मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे। मैन मेड फाइबर का उत्पादन बढ़ेगा। एडवांस्ड फाइबर के लिए टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन का सिस्टम तैयार किया जाएगा। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज मिशन के तहत खादी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोडक्शन, ट्रेनिंग और मार्केटिंग पर जोर होगा। वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट को बढ़ावा दिया जाएगा।

12. पर्यटन: 20 टूरिस्ट प्लेस पर 10 हजार गाइड्स ट्रेंड किए जाएंगे
20 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10,हजार गाइड्स को ट्रेंनिंग दी जाएगी। इसके लिए पायलट योजना शुरू की जाएगी। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पर्यावरणीय रूप से ऐसे रास्ते बनाए जाएंगे जो ट्रेकिंग और हाइकिंग के लिए आसान हों।

सरकार की कमाई, कर्ज और घाटे का पूरा हिसाब

सरकारी कर्ज में कमी लाने का लक्ष्य
सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 2030-31 तक देश का कुल कर्ज, जीडीपी के 50% (±1) के बराबर लाया जाए। 2025-26 में यह कर्ज 56.1% था, जो अब 2026-27 में घटकर 55.6% रहने का अनुमान है। यह कर्ज कम होगा तो सरकार को ब्याज कम देना पड़ेगा, जिससे वो पैसा स्कूल, अस्पताल और सड़कों पर खर्च हो सकेगा।

राजकोषीय घाटा पिछली बार से कम हुआ
राजकोषीय घाटा मतलब सरकार की कमाई और खर्च के बीच का अंतर। सरकार ने कहा है कि वह घाटे को जीडीपी के 4.5% से नीचे ले आई है। 2025-26 में यह घाटा 4.4% रहा, और अगले साल (2026-27) के लिए इसे और घटाकर 4.3% करने का लक्ष्य है।

पिछले साल (2025-26) का हिसाब किताब
सरकार की कुल कमाई ₹34 लाख करोड़ रही। इसमें से ₹26.7 लाख करोड़ टैक्स से आए। वहीं कुल खर्च ₹49.6 लाख करोड़ रहा। पूंजीगत खर्च यानी लगभग ₹11 लाख करोड़ नए ब्रिज, हाईवे और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में खर्च हुआ।

अगले साल (2026-27) का बजट प्लान
सरकार ने ₹36.5 लाख करोड़ कुल कमाई का अनुमान है। जिसमें टैक्स से ₹28.7 लाख करोड़ आएंगे। वहीं लगभग ₹53.5 लाख करोड़ कुल खर्च रहने का अनुमान है।खर्च कमाई से ज्यादा है, इसलिए सरकार बाजार से ₹11.7 लाख करोड़ का उधार लेगी। बाकी पैसा छोटी बचत योजनाओं से आएगा।

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