श्रीडूंगरगढ़ के भँवरलाल पारख ने मृत्यु पश्चात दी दुनिया को नई दृष्टि

STBA 5 JUNE 2026
quicjZaps 15 sept 2025
खमत खामणा

श्रीडूंगरगढ़, 8 फ़रवरी । मानवता की सेवा और परोपकार का एक अनुपम उदाहरण पेश करते हुए श्रीडूंगरगढ़ निवासी भँवरलाल पारख (पुत्र स्वर्गीय जयचन्दलाल जी पारख) ने अपने मरणोपरांत नेत्रदान कर दो जीवन को रोशन करने का संकल्प पूरा किया। 7 फरवरी 2026 को उनके स्वर्गवास के पश्चात, परिजनों की सहमति से उनके नेत्र सुरक्षित किए गए। यह दान न केवल किसी दृष्टिहीन के जीवन में नई रोशनी लाएगा, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणादायी मिसाल भी बन गया है।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

भँवरलाल जी जीवनपर्यंत विभिन्न सेवाभावी संस्थाओं से जुड़े रहे और अंतिम समय में अपनी आंखों का ‘महादान’ कर उन्होंने जैन धर्म के अहिंसा, करुणा और परोपकार के सिद्धांतों को चरितार्थ किया। उनके पुत्रों और पौत्रों ने उनकी इस आध्यात्मिक इच्छा का सम्मान करते हुए तुरंत नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी करने का निर्णय लिया।

pop ronak

परिजनों का अनुकरणीय निर्णय और सफल प्रक्रिया
स्वर्गीय भँवरलाल जी के परिवार के प्रकाश पारख, मूलचन्द पारख, अमित, दीपक और रौनक पारख सहित संपूर्ण परिवार ने इस पुण्य कार्य में अपनी सहमति प्रदान की। तेरापंथ युवक परिषद् के संयोजक अशोक झाबक के नेतृत्व में नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न हुई।

नेत्र संग्रहण का कार्य प्राणनाथ हॉस्पिटल, सरदारशहर के भँवरलाल प्रजापत एवं दिनेश शर्मा द्वारा विशेषज्ञता के साथ किया गया। इस दौरान समाज के गणमान्य लोगों ने परिवार के इस साहसी और मानवीय निर्णय की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब
इस अवसर पर आयोजित सभा में अध्यक्ष विक्रम मालू, राजश्री दूधेड़ीया, अशोक बैद (एडवोकेट), राधेश्याम दर्जी, चन्द्रप्रकाश दूगड़, सुनील राठी सहित बड़ी संख्या में समाज सेवी और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देह त्याग के बाद भी दुनिया को देखने का यह जज्बा विरले लोगों में ही होता है।

तेरापंथ युवक परिषद् एवं तेरापंथ किशोर मंडल, श्रीडूंगरगढ़ ने इस महान कार्य की हृदय से अनुमोदना की है। परिषद ने अपील की है कि समाज के अन्य लोग भी नेत्रदान के प्रति जागरूक हों, ताकि अंधेरे में जी रहे लोगों के जीवन में उजाला लाया जा सके।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *